
BMC चुनाव महज़ एक municipal contest नहीं है, बल्कि मुंबई की राजनीतिक कमान किसके हाथ रहेगी—इसका फैसला है।
₹74,000 करोड़ के सालाना बजट वाली BMC एशिया की सबसे बड़ी civic body है, जिसका बजट कई भारतीय राज्यों से भी बड़ा है। यही वजह है कि यह चुनाव महायुति और महाविकास अघाड़ी—दोनों के लिए साख की लड़ाई बन गया है।
Shiv Sena Legacy vs New Power Game
1997 से 2017 तक अविभाजित शिवसेना ने BMC पर लगातार राज किया, उस दौर में BJP सहयोगी थी। आज हालात बदले हैं— BJP खुद सबसे बड़ी ताकत बनने की ओर बढ़ रही है। शिंदे और ठाकरे गुट अलग-अलग अस्तित्व बचाने में लगे हैं, कांग्रेस और अन्य दल foothold की तलाश में हैं।
मुंबई की राजनीति अब legacy नहीं, numbers और narrative से तय हो रही है।
चुनावी वादे: वोटर को लुभाने की जंग
BJP गठबंधन: महिलाओं को BEST बसों में 50% किराया छूट।
उद्धव–राज ठाकरे अलायंस: महिला घरेलू सहायकों को ₹1500/महीना, 700 sq ft तक के घरों पर property tax free.
कांग्रेस: प्रदूषण कंट्रोल, BEST सेवा सुधार और city economy revive करने का वादा।
हर दल जानता है—मुंबई का वोट मतलब भविष्य की राजनीति।
LIVE Updates Snapshot (Till 1:36 PM)
BJP पहली बार BMC में सबसे आगे
- BJP: 85 सीटों पर बढ़त
- Shiv Sena (Shinde): 30
- Shiv Sena (UBT) alliance: 71
यह संकेत है कि BMC में पहली बार BJP dominance बन सकता है।
बहुमत से सिर्फ 6 सीटें दूर
- 227 सीटों वाली BMC में:
- BJP गठबंधन: 115 सीटों पर बढ़त
- बहुमत का आंकड़ा: 114
- यानी खेल लगभग तय, बस औपचारिकता बाकी।
Ward विवाद और तकनीकी अड़चन
Ward 72 में EVM खराबी के बाद Shiv Sena UBT उम्मीदवार मनीषा पांचाल ने re-poll की मांग की। यह दिखाता है कि कांटे की टक्कर वाले इलाकों में हर वोट मायने रखता है।
मुस्लिम बहुल इलाकों में AIMIM की एंट्री
Ward 134, 143 और 145 में AIMIM उम्मीदवारों की जीत ने साफ कर दिया कि Minority vote अब fragmented है SP को सीधा नुकसान हुआ है।
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