कभी छात्र नेता, आज उपमुख्यमंत्री—जनता के ब्रजेश भइया का सफर

25 जून 1964 को उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के मल्लावां कस्बे में जन्मे ब्रजेश पाठक ने लखनऊ विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई करते हुए ही जनता के दिलों में अपनी जगह बनानी शुरू कर दी थी।1989 में छात्रसंघ के उपाध्यक्ष और फिर 1990 में अध्यक्ष बने — यहीं से एक लीडर बनने की कहानी की शुरुआत हुई। BRICS 2025 में बड़ा भूचाल: मोदी के सम्मान से चिढ़े जिनपिंग समिट से हटे कांग्रेस से बसपा तक: बदलते दल, पर जनता के लिए एक जैसा समर्पण राजनीति की पहली परीक्षा 2002…

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BRICS 2025 में बड़ा भूचाल: मोदी के सम्मान से चिढ़े जिनपिंग समिट से हटे

जब मोदी को मिला स्टेट डिनर, जिनपिंग बोले: “भूख नहीं है!” ब्रिक्स समिट 2025 रियो डी जेनेरियो में होने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही कूटनीति की थाली से एक बड़ा राजनीतिक विस्फोट परोसा गया।प्रधानमंत्री मोदी को मिलने वाला ब्राजील का स्टेट डिनर किसी को कुछ ज़्यादा ही नमकीन लग गया—जी हाँ, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को! 20 रुपये में सेहत की बोतल? भोपाल से निकलेगा Browneagle का जल-जादू सूत्रों के अनुसार, जिनपिंग इस “ओवरकुक्ड सम्मान” से इतने आहत हुए कि उन्होंने पूरा BRICS समिट ही छोड़ने का मन बना…

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20 रुपये में सेहत की बोतल? भोपाल से निकलेगा Browneagle का जल-जादू

जब बड़ी कंपनियाँ शुद्ध पानी को ‘प्रीमियम लग्ज़री’ बना चुकी हैं, तब Alexandra Spice ने फैसला किया कि सेहत अब अमीरों की जागीर नहीं होगी। भोपाल में उन्होंने Browneagle Alkaline Water का प्लांट लगाया है—जो हर दिन 60,000 लीटर पानी तैयार करेगा। और कीमत? मात्र ₹20 में! यह सिर्फ बिजनेस नहीं, ये एक “Hydration for All” आंदोलन है! थरूर बोले–पंख मेरे हैं, खड़गे बोले–अंग्रेज़ी तुम्हारी है! Alkaline Water होता क्या है भाई? सीधा और आसान मतलब — ये वो पानी है जिसका pH लेवल 8 या उससे ऊपर होता है। मतलब, अम्लीयता (Acidity) कम, मिनरल्स ज़्यादा, शरीर के ‘toxic’ सिस्टम को साफ करने…

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थरूर बोले–पंख मेरे हैं, खड़गे बोले–अंग्रेज़ी तुम्हारी है!

कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर ऐसा पोस्ट किया, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी।पोस्ट में लिखा था, उड़ने के लिए अनुमति लेने की ज़रूरत नहीं. पंख तुम्हारे हैं और आसमान किसी एक का नहीं है. अब ये पंक्तियाँ सिर्फ साहित्यिक लगें, तो आप राजनीति की बारीकियों को मिस कर रहे हैं! क्योंकि ये संदेश सीधा गया कांग्रेस आलाकमान की ओर, खासकर उस वक्त जब उनके अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से थरूर की ‘मोदी स्तुति’ पर सवाल पूछा गया था। ईरान ने भारत को कहा…

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ईरान ने भारत को कहा धन्यवाद: क्या बदल रही है वैश्विक शक्ति की धुरी?

मिसाइलें आसमान चीर रही थीं, बंकर बस्टर बम ज़मीन थर्रा रहे थे, और पूरा मध्य-पूर्व आग की लपटों में घिरा था।लेकिन amidst the chaos, एक देश ने चुपचाप अपनी भूमिका निभाई — भारत। मोदी सरकार में किसानों की स्थिति में बदलाव: कृषि सुधारों की पूरी कहानी नई दिल्ली स्थित ईरान के दूतावास ने जैसे ही सोशल मीडिया पर भारत के लिए अपना संदेश पोस्ट किया — पूरी दुनिया चौंक गई। यह सिर्फ एक डिप्लोमैटिक ट्वीट नहीं था, बल्कि एक युद्धरत राष्ट्र की भावनात्मक स्वीकारोक्ति थी। “भारत के महान और स्वतंत्रता-प्रेमी…

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मोदी सरकार में किसानों की स्थिति में बदलाव: कृषि सुधारों की पूरी कहानी

2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से किसानों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन देने के तमाम वादे किए गए। लेकिन क्या सिर्फ योजनाएं ही काफी हैं या ज़मीनी बदलाव भी आया है? यह लेख सिर्फ आंकड़ों की गिनती नहीं, बल्कि उन प्रयासों की कहानी है जो एक किसान की आँखों में भरोसे की रौशनी लाने की कोशिश करते हैं। स्टूडेंट्स की ऑनलाइन हाजिरी और दास्तानों का तड़का! 1. पीएम-किसान योजना: सीधे बैंक में भरोसे की फसल 2019 में शुरू हुई PM-KISAN योजना के तहत हर पात्र…

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स्टूडेंट्स की ऑनलाइन हाजिरी और दास्तानों का तड़का!

आजकल ख़बरें बस सूचना नहीं रहीं — वो किरदार बन चुकी हैं। कहीं स्कूल की हाजिरी ऑनलाइन हो रही है; कहीं रिंकल सिंह न्याय की मशाल लिए बैठी हैं तो कहीं दुल्हन तलवार (या चाकू) लेकर सुहागरात का नया पाठ पढ़ा रही है। ये खबरें सिर्फ घटनाएं नहीं हैं, ये समाज के एक्स-रे हैं — जिसमें राजनीति की हड्डियाँ, प्रशासन की नसें, और आम लोगों की धड़कनें साफ दिखाई देती हैं। जयराम रमेश का दावा: 11 साल से अघोषित आपातकाल। BJP का पलटवार आइए, इन सारी खबरों की नब्ज़ को…

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जयराम रमेश का दावा: 11 साल से अघोषित आपातकाल। BJP का पलटवार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि पिछले 11 सालों से देश में अघोषित आपातकाल जैसा माहौल बना हुआ है।उनके अनुसार, संविधान पर लगातार हमला हो रहा है, मीडिया को नियंत्रित किया जा रहा है और जांच एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है – यह सब किसी ‘नाममात्र की आपातकाल’ से कम नहीं। ईरान-इज़राइल युद्ध में इंसानियत हारी। पढ़िए एक भावनात्मक रिपोर्ट “चार सौ पार” का ड्रामा: संविधान बदलने की साजिश? जयराम ने आरोप लगाया कि 2024 के चुनाव में पीएम मोदी ने ‘चार सौ पार’ का जनादेश…

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ईरान-इज़राइल युद्ध में इंसानियत हारी। पढ़िए एक भावनात्मक रिपोर्ट

कभी वह ख़बरों में था, कभी खुफ़िया रिपोर्टों में, और फिर एक दिन हकीकत बन गया — ईरान और इज़राइल के बीच जंग, वो भी उस वक्त जब दुनिया पहले ही नफरत और बारूद से थकी हुई थी। इस युद्ध में केवल मिसाइलें नहीं दागी गईं, माँओं की ममता, बच्चों के सपने, और इंसानियत की उम्मीदें भी चिथड़े-चिथड़े हो गईं। जहाँ एक पक्ष इसे “आत्म-सम्मान की रक्षा” कह रहा था, वहीं दूसरा “रक्षा का जवाब”। डार्लिंग, धर्म कोई स्टार्टअप नहीं है! पहले ग्रंथ पढ़ो, फिर प्रवचन दो लेकिन सच्चाई यह थी कि…

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डार्लिंग, धर्म कोई स्टार्टअप नहीं है! पहले ग्रंथ पढ़ो, फिर प्रवचन दो

आजकल धर्म इतना “ट्रेंडिंग” हो गया है कि कुछ लोग इसे स्पिरिचुअल स्टार्टअप बना बैठे हैं। सोशल मीडिया पर दो श्लोक, तीन कहानी और चार चुटकुलों के साथ “धर्मगुरु” बनना जैसे कोई कोर्स हो गया हो। पर, डार्लिंग… धर्म कोई स्क्रिप्टेड शो नहीं है! बल्ले-बल्ले! MSP पर मूंग-उड़द की खरीद का ऐलान धर्मग्रंथ पढ़ो, फिर प्रवचन दो उपदेश देना जितना आसान है, धर्मग्रंथों को सही से पढ़ना उतना ही गंभीर और आवश्यक कार्य है। हर श्लोक का मतलब होता है संदर्भ सहित। लेकिन “क्लिप-बेस्ड आध्यात्म” का दौर चल पड़ा है –…

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