रांची: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी में कथित धांधली के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्र आज विधानसभा का घेराव करेंगे। सरकार के साथ तीन दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद छात्रों ने विधानसभा मार्च का ऐलान किया है। सुबह 10 बजे प्रस्तावित मार्च को देखते हुए रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विधानसभा के आसपास कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई है और कंटीले तार भी लगाए गए हैं। छात्रों ने साफ किया है कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
रांची में जुट रहे हजारों छात्र
रविवार सुबह से ही झारखंड के अलग-अलग जिलों से छात्र रांची पहुंचने लगे। पुरानी विधानसभा परिसर और मोरहाबादी मैदान के आसपास अभ्यर्थियों की संख्या लगातार बढ़ती गई। भीड़ इतनी बढ़ गई कि वहां लगाया गया पंडाल भी छोटा पड़ गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, विधानसभा मार्च को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
जिला प्रशासन ने छात्रों को दी चेतावनी
रांची जिला प्रशासन ने आंदोलनकारी छात्रों से अपील की है कि वे मार्च के दौरान किसी भी तरह के उग्र प्रदर्शन का हिस्सा न बनें। प्रशासन ने हिंसा और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। वहीं, प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि झारखंड के अलग-अलग हिस्सों से रांची पहुंच रहे सैकड़ों छात्रों को पुलिस बलपूर्वक रोक रही है।
तीसरे दौर की बातचीत में इन मुद्दों पर नहीं बनी सहमति
रविवार को छात्रों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की बातचीत हुई, जो पांच घंटे से ज्यादा चली। सरकार ने छात्रों की कई प्रमुख मांगों पर सहमति जताते हुए आंदोलन समाप्त कराने की कोशिश की। सरकार 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की जांच कराने के लिए तैयार है। छात्रों की अन्य मांगों पर भी सरकार ने सहमति जताई, लेकिन सीबीआई जांच सहित कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। इसी वजह से बातचीत किसी अंतिम समाधान तक नहीं पहुंच पाई।
जमशेदपुर में भी आधी रात से धारा 163 लागू
छात्रों के आंदोलन को देखते हुए रविवार आधी रात से जमशेदपुर में भी निषेधाज्ञा के तहत धारा 163 लागू कर दी गई है। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं। रांची में भी विधानसभा मार्च को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
एडीजी बोले- शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से करें मार्च
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) मनोज कौशिक ने कहा कि छात्रों के प्रस्तावित विधानसभा मार्च के दौरान अशांति की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन को सतर्क किया गया है। उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से मार्च में शामिल होने की अपील की। एडीजी ने कहा कि पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से जारी प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अनुशासन बनाए रखा है।
उन्होंने छात्रों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि असामाजिक तत्वों और उपद्रव करने वालों को मार्च में शामिल होने का मौका न मिले। पुलिस प्रशासन का कहना है कि विधानसभा मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।
