अखिलेश यादव का हमला: योगी ने आते ही खुद और डिप्टी सीएम के केस हटाए

महेंद्र सिंह
महेंद्र सिंह

उत्तर प्रदेश की राजनीति में गर्मी तब और बढ़ गई जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर सीधा, धारदार और तंज भरा हमला बोला।

“केस हटाओ अभियान”: पहले अपने हटाए, अब बिल लाओ?

अखिलेश यादव ने कहा,

“मुख्यमंत्री को पहले से पता था कि ऐसा बिल आने वाला है। इसलिए कुर्सी संभालते ही अपने और डिप्टी सीएम के केस खुद ही हटा लिए। अब नए कानून के जरिए विपक्षियों की बारी है!”

यह बयान उस नए बिल को लेकर आया है जो गंभीर अपराधों में आरोपित नेताओं को पद से हटाने या न हटाने को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच चर्चा में है।

मतलब खेल ऐसा है – “पहले अपनी बिसात सेट करो, फिर विपक्ष के मोहरे फंसाओ।”

“आजम अंदर, अब्बास बाहर!” – अखिलेश ने गिनाए केसों के आंकड़े

अखिलेश ने पार्टी नेताओं के नाम गिनाते हुए कहा कि सरकार विपक्ष को निशाना बना रही है

  • आजम खां — जेल में

  • प्रजापति — जेल में

  • इरफान सोलंकी — जेल में

  • अब्बास अंसारी — “किसी तरह बच गए”

  • रमाकांत यादव — जेल के चक्कर में

“सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है”

अखिलेश यादव बोले,

“वो लोग जो ये बिल ला रहे हैं, खुद कहते हैं कि उन्हें झूठे केसों में फंसाया गया था। तो कल औरों को क्यों नहीं फंसाया जाएगा?”

उन्होंने कहा कि सरकार का असली मकसद वोट की चोरी, EVM पर डकैती और विपक्ष को तोड़ना है, इसलिए ऐसा विधेयक लाया जा रहा है ताकि असल बहस न हो पाए।

“अगर मुद्दा जनता की सेवा हो, तो बिल जनहित में लाओ, सत्ता की सेवा में नहीं।” — अखिलेश का सटायर ऑडिट।

क्या ये बिल है या “विपक्ष हटाओ योजना”?

इस पूरे प्रकरण को देखते हुए अब विपक्षी पार्टियां इस बिल को “राजनीतिक टूल” बता रही हैं।

“सीट शेयरिंग का झमेला: NDA में कुर्सी कम, कुर्सी के उम्मीदवार ज़्यादा!”

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