रक्सौल: नेपाल के रसुवागढ़ी जिले में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद मची तबाही का असर भारत से सटे सीमावर्ती इलाकों तक पहुंच गया है। पर्सा और बारा जिलों में भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। वीरगंज भंसार कार्यालय से नेपाल जाने वाले पर्यटकों की आवाजाही गुरुवार को काफी प्रभावित रही। कई भारतीय और विदेशी पर्यटकों ने सुरक्षा को देखते हुए अपनी यात्रा रोक दी है।
नेपाल के चितवन पुलिस और सेना ने पर्यटकों के लिए सतर्कता जारी करते हुए अगले दो दिनों तक नेपाल की यात्रा से बचने की अपील की है। बाढ़ में पुलों और सड़कों को हुए नुकसान के कारण नारायणघाट-मुग्लिंग-काठमांडू मार्ग को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। इस मार्ग पर सभी तरह के वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
पर्यटकों को सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में रहने की सलाह
नेपाल पुलिस, सेना, स्थानीय प्रशासन और पर्यटन बोर्ड ने प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद लोगों से नजदीकी पुलिस या सुरक्षा एजेंसी से संपर्क करने को कहा है। इसके अलावा यात्रियों को अपने ट्रैवल एजेंट, गाइड या टूर ऑपरेटर के संपर्क में रहने की सलाह दी गई है। पर्यटकों और उनके परिजनों से अपील की गई है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना पर भरोसा न करें और जानकारी की पुष्टि के बाद ही कोई कदम उठाएं।
मुग्लिंग से पोखरा होते हुए मुक्तिनाथ जाने वाला मार्ग भी बंद
बाढ़ के कारण नारायणघाट से मुग्लिंग, पोखरा होते हुए मुक्तिनाथ जाने वाला प्रमुख सड़क मार्ग भी बंद कर दिया गया है। इसके शुक्रवार तक खुलने की संभावना जताई गई है। मार्ग बंद होने से बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटकों के साथ अन्य यात्रियों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही रुक गई है। प्रशासन ने हालात सामान्य होने तक इस रास्ते से यात्रा नहीं करने की सलाह दी है।
भोटेकोशी और त्रिशूली किनारे तबाही के निशान
बाढ़ का पानी कम होने के बाद भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के किनारे बसे गांवों में तबाही की तस्वीर सामने आने लगी है। जिन लोगों ने समय रहते ऊंचे स्थानों पर पहुंचकर रात बिताई थी, वे गुरुवार सुबह अपने घरों की ओर लौटे तो वहां का मंजर देखकर दंग रह गए।
कई जगहों पर एक और दो मंजिला मकान पूरी तरह गायब नजर आए। कुछ घर बचे भी तो उनमें छत तक मलबा जमा था। कई लोग अपने घरों के बाहर बिखरा सामान समेटते दिखाई दिए, जबकि कुछ परिवार अपनों के बिछड़ने के गम में रोते-बिलखते नजर आए।
वीरगंज भंसार से पर्यटकों की आवाजाही में भारी कमी
वीरगंज भंसार के रास्ते काठमांडू, नारायणघाट, पोखरा, मुक्तिनाथ और चितवन जैसे पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले कई यात्री वापस लौट गए। वहीं हेथौड़ा और अन्य स्थानों की ओर जाने वाले यात्रियों ने भंसार प्रक्रिया पूरी कर अपनी यात्रा जारी रखी।
इन यात्रियों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी जो रक्षाबंधन के अवसर पर अपने परिजनों से मिलने घर लौट रहे थे। नेपाल में बाढ़ से हुई व्यापक तबाही के बाद सीमावर्ती मार्गों पर पर्यटन गतिविधियां लगभग थम गई हैं। सुरक्षा को देखते हुए कई भारतीय और विदेशी पर्यटकों ने अपनी यात्रा बीच में ही रोक दी है।
