उन्नाव।दीपावली के पावन पर्व पर सामाजिक सरोकारों एवं मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए श्री जय प्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उन्नाव एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती नीतू सिंह अपने परिवारीजनों के साथ थाना बेहटा मुजावर क्षेत्रांतर्गत तकिया निगोही स्थित वृद्धाश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने वहां निवासरत वरिष्ठ नागरिकों से आत्मीय भेंट कर उनके साथ दीपावली का पर्व हर्षोल्लास एवं आत्मीयता के साथ मनाया।
इस अवसर पर श्री हर्ष मोदी, क्षेत्राधिकारी बांगरमऊ एवं थाना प्रभारी बेहटा मुजावर सहित अन्य पुलिसकर्मी भी उपस्थित रहे। वृद्धाश्रम पहुंचकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उन्नाव, उनकी धर्मपत्नी एवं परिवारीजनों ने सभी बुजुर्गों का स्नेहपूर्वक हालचाल जाना तथा उनके स्वास्थ्य, रहन-सहन एवं आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सभी वरिष्ठ नागरिकों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
इस दौरान श्री जय प्रकाश सिंह एवं श्रीमती नीतू सिंह द्वारा वृद्धजनों को सॉल, मिठाइयां, दीपक, बाती एवं मोमबत्तियां आदि भेंट की गईं तथा उनके साथ बैठकर आत्मीय एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में समय व्यतीत किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उन्नाव श्री जय प्रकाश सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “समाज में बुजुर्गों का अनुभव, उनका स्नेह और आशीर्वाद हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। दीपावली जैसे पावन पर्व पर हमारा यह प्रयास होना चाहिए कि कोई भी बुजुर्ग स्वयं को अकेला या उपेक्षित महसूस न करे।
उनके प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और उनकी देखभाल करना हम सभी की सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेदारी है।” कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उन्नाव श्री जय प्रकाश सिंह, श्रीमती नीतू सिंह, उनके परिवारीजनों, क्षेत्राधिकारी बांगरमऊ श्री हर्ष मोदी एवं उपस्थित पुलिसकर्मियों द्वारा वृद्धाश्रम में निवासरत सभी वरिष्ठ नागरिकों को स्वयं भोजन परोसा गया तथा उनके साथ बैठकर भोजन भी किया गया। इस आत्मीय पहल से वृद्धाश्रम का वातावरण उल्लास, अपनत्व एवं पारिवारिक स्नेह से सराबोर हो गया।
बुजुर्गों के चेहरों पर प्रसन्नता एवं आत्मीयता का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। दीपावली के इस पावन अवसर पर उन्नाव पुलिस की यह पहल समाज के वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता, सेवा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रदर्शित करती है। साथ ही यह संदेश देती है कि त्योहारों की वास्तविक खुशियां तभी सार्थक होती हैं, जब हम अपने आसपास के जरूरतमंद एवं अकेले रह रहे लोगों के जीवन में भी खुशियों का प्रकाश पहुंचाएं।
