वॉशिंगटन: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के नतीजों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रिपब्लिकन पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है और संसद के दोनों सदनों पर डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण हो गया है। ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस समेत पार्टी के कई नेता इस हार के पीछे ईरान युद्ध को बड़ी वजह मान रहे हैं। अब इस सैन्य कार्रवाई की जिम्मेदारी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पर डालने की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से अपने रक्षा मंत्री का बचाव किया है और उनके कामकाज की तारीफ भी की है।
ईरान युद्ध को लेकर रक्षा मंत्री पर उठ रहे सवाल
अमेरिकी मीडिया सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि ईरान युद्ध मुख्य रूप से युद्ध विभाग के नेतृत्व में चलाया गया अभियान रहा है। इसकी वजह यह है कि विदेश नीति से जुड़े मामले को सुलझाने के लिए सैन्य कार्रवाई का रास्ता चुना गया।
वहीं, व्हाइट हाउस के करीबी एक रिपब्लिकन नेता ने पीट हेगसेथ पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि युद्ध की समयसीमा, लक्ष्य और उद्देश्यों को लेकर रक्षा मंत्री ने या तो गलत जानकारी दी या फिर तथ्यों को सही तरीके से पेश नहीं किया। उनका कहना है कि अगर राष्ट्रपति किसी को इस युद्ध की जिम्मेदारी सौंपना चाहते हैं, तो पीट हेगसेथ इसके लिए सबसे प्रमुख चेहरा हैं।
चुनावी हार के बाद ट्रंप और जेडी वेंस ने भी माना युद्ध का नुकसान
मध्यावधि चुनाव में हार के बाद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बुधवार को ईरान के साथ युद्ध के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने इस संघर्ष को रिपब्लिकन पार्टी के लिए राजनीतिक नुकसान की बड़ी वजह बताया।
केंटकी के रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी भी पहले से पीट हेगसेथ के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। उन्होंने रक्षा मंत्री के खिलाफ महाभियोग के आठ आरोप दायर किए हैं और जल्द ही प्रतिनिधि सभा में इस पर मतदान कराने की योजना बना रहे हैं।
ट्रंप ने किया हेगसेथ का बचाव, बताया युद्ध का चैंपियन
रक्षा मंत्री पर बढ़ते दबाव के बावजूद डोनाल्ड ट्रंप फिलहाल उनके समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं। बुधवार को पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि क्या वह पीट हेगसेथ को पद से हटाने के बारे में विचार कर रहे हैं, तो ट्रंप ने इससे इनकार किया। उन्होंने कहा कि हेगसेथ बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।
ट्रंप ने इससे पहले भी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में हेगसेथ की भूमिका की तारीफ की थी। 23 मार्च को उन्होंने कहा था कि हेगसेथ उन शुरुआती लोगों में शामिल थे, जिन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया था।
वहीं, पेंटागन की प्रेस सचिव किंग्सले विल्सन ने यूएसए टुडे को दिए बयान में कहा कि पूरा विभाग रक्षा मंत्री के नेतृत्व के साथ एकजुट है और अमेरिकी सैनिकों तथा देश के हितों को प्राथमिकता देते हुए काम करता रहेगा।
सीनेटर थॉम टिलिस ने भी हेगसेथ के भविष्य पर उठाए सवाल
पीट हेगसेथ की मुश्किलें सिर्फ व्हाइट हाउस तक सीमित नहीं हैं। रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस ने भी उनके कामकाज और सांसदों के साथ संबंधों पर सवाल खड़े किए हैं। मंगलवार रात सीबीएस न्यूज से बातचीत में टिलिस ने कहा कि हेगसेथ को अपनी भूमिका के लिए जवाबदेह होना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद यह तय करना जरूरी होगा कि क्या हेगसेथ ही वह सही व्यक्ति हैं, जो रक्षा विभाग की जरूरतों को कांग्रेस के सामने प्रभावी तरीके से रख सकते हैं। खासतौर पर तब, जब मौजूदा कांग्रेस का कार्यकाल खत्म होने में महज 60 दिन बचे हैं।
टिलिस के मुताबिक, सांसदों के साथ हेगसेथ के खराब रिश्ते ट्रंप प्रशासन के 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रक्षा खर्च वाले प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में भी बाधा बन रहे हैं।
डेमोक्रेट्स करेंगे पेंटागन और युद्ध प्रबंधन की जांच
चुनावी जीत के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी ने भी पीट हेगसेथ और पेंटागन के कामकाज की जांच कराने का वादा किया है। इस जांच के दायरे में ईरान युद्ध को संभालने का तरीका, रक्षा विभाग के फैसले और शीर्ष सैन्य अधिकारियों को पद से हटाने जैसे मामले शामिल हो सकते हैं।
इनमें जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष को हटाने का मामला भी शामिल है। ऐसे में आने वाले दिनों में पीट हेगसेथ को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों मोर्चों पर कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल ट्रंप ने उन्हें हटाने से इनकार किया है, लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी ने उनके भविष्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
