उन्नाव । बांगरमऊ सपा संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर नगर के शांति मिल मैदान में सपा नेता गुलिस्तान खान के संयोजन में ऑल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। साहित्यिक महफिल में देश के विभिन्न हिस्सों से आए नामचीन शायरों और कवियों ने अपने कलाम और कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर रात तक शेरो-शायरी और अदबी रंग की महफिल सजी रही तथा वाह-वाह और तालियों की गूंज से मैदान गुलजार रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल, सपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष शकील खान नदवी तथा सहारनपुर के सपा विधायक आशु मलिक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। बलिया से पधारी कवयित्री प्रतिभा यादव ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर साहित्यिक कार्यक्रम का आगाज किया, जबकि मालेगांव के शायर अल्ताफ जिया ने नात-ए-पाक पढ़कर महफिल को रूहानी रंग में रंग दिया। इसके बाद शेरो-सुखन का सिलसिला शुरू हुआ तो शायरों और कवियों ने अपने चुनिंदा कलाम पेश कर खूब दाद बटोरी।
अपूर्व विक्रम शाह, तबरेज राणा, हिमांशी बावरा सहित तमाम रचनाकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक सरोकारों, इंसानी रिश्तों और जिंदगी के विभिन्न पहलुओं को शब्दों में पिरोया। श्रोताओं ने उम्दा अशआर और प्रभावशाली कविताओं पर तालियों के साथ अपनी पसंद का इजहार किया। कार्यक्रम में अदब, तहजीब और साहित्यिक परंपरा की खूबसूरत झलक देखने को मिली। मुशायरे का संचालन नदीम फर्रुख ने किया, जबकि अध्यक्षता शकील खान नदवी ने की।
कार्यक्रम में श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर काशीनाथ दास महाराज, पूर्व विधायक बदलू खान, सपा नेता आलोक त्रिपाठी, डॉ. पंकज गौतम, शशांक शेखर शुक्ला, फैसल रहमान सफवी, रामचंद्र वर्मा, धर्मेंद्र यादव, अल्वी मिश्रा, हरदोई, बृजेश उर्फ टिल्लू भैया, डॉक्टर मुन्ना अल्वी, मनोज पाल, आशीष कटियार, नासिर खान, सलीमुर्रहमान, रईस अहमद, मुशीर अली, मेराज खान आदि सहित हजारों लोग मौजूद रहे। अंत में कार्यक्रम के आयोजक सपा नेता गुलिस्तान खान ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
बांगरमऊ। कार्यक्रम में सपा के दिग्गज नेताओं के न पहुंचने से समर्थकों में मायूसी छा गई। कार्यक्रम में घोषित मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री एवं सपा के कद्दावर नेता शिवपाल सिंह यादव, महाराष्ट्र के सपा विधायक अबू आसिम आजमी तथा तेजतर्रार सांसद इकरा हसन को देखने और सुनने की उम्मीद लेकर हजारों सपाई शांति मिल मैदान पहुंचे थे। लेकिन दोनों नेताओं के कार्यक्रम में नहीं पहुंचने से पंडाल में निराशा का माहौल दिखाई दिया। अपने चहेते नेताओं की एक झलक पाने की आस लगाए समर्थकों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
