लखनऊ: गोमती नदी की बाढ़ के चलते फैजुल्लागंज और पुराने लखनऊ के प्रभावित इलाकों में नगर निगम ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। जलभराव से प्रभावित लोगों के ठहरने के लिए 12 रैन बसेरे तैयार किए गए हैं। पुराने शहर में अब तक 250 परिवारों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि करीब 300 लोग रैन बसेरों में रह रहे हैं।
दाउदनगर में 10, दो इलाकों में एक-एक रैन बसेरा
नगर आयुक्त गौरव कुमार के मुताबिक, दाउदनगर में 10 रैन बसेरे बनाए गए हैं, जबकि लोहरामऊ और मिल्लतनगर में एक-एक रैन बसेरा तैयार किया गया है। इसके अलावा पलटन छावनी, उमराव हाता और इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे 100-100 बिस्तर वाले तीन स्थायी केंद्रों में भी प्रभावित लोगों के लिए व्यवस्था की गई है।
रैन बसेरों में पंखे, कूलर और बिस्तर की व्यवस्था है। मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए 12 चार्जिंग पॉइंट भी लगाए गए हैं।
कई इलाकों में बांटे जा रहे खाने के पैकेट
बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन भी पहुंचाया जा रहा है। हयात नगर में 50, लक्ष्मी अस्पताल गली में 25, दौलत खेड़ा-मुन्नू खेड़ा में 100, टांड खेड़ा में 200, सुखलाल खेड़ा में 100 और सैंथा में 50 भोजन के पैकेट बांटे गए हैं।
पेयजल की व्यवस्था के तहत अब तक 80 हजार लीटर पैकेज वाला पानी बांटा जा चुका है। इसके अलावा 14-15 टैंकरों के जरिए भी लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
200 सफाईकर्मी लगाए गए, संक्रमण रोकने के लिए छिड़काव
बाढ़ का पानी उतरने के बाद संक्रमण और गंदगी की समस्या को देखते हुए सफाई व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। यादव चौराहे से मामा कॉलोनी तक 200 सफाईकर्मियों को लगाया गया है। जलभराव वाले इलाकों में संक्रमण रोकने के लिए ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है।
लोगों की सुविधा के लिए 13 चल शौचालय लगाए गए हैं, जबकि दाउदनगर में 65 अतिरिक्त स्ट्रीट लाइटें भी लगाई गई हैं।
90 नावों से पहुंचाई जा रही राहत सामग्री
जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में 90 नावें लगाई हैं। दौलत खेड़ा, टांड खेड़ा, सुखलाल खेड़ा और गुलमी खेड़ा में नाव और स्टीमर के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए 138 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से दवा का छिड़काव किया गया है। इसमें फैजुल्लागंज क्षेत्र में 76 एकड़ और पुराने शहर में 62 एकड़ इलाके में छिड़काव किया गया। इसके साथ ही फॉगिंग के लिए 6 छोटी और 6 बड़ी मशीनें भी लगाई गई हैं।
