लखनऊ: बंगाल की खाड़ी से उठा ‘अर्नब चक्रवात’ कमजोर पड़ चुका है, लेकिन इसका असर देश के कई राज्यों में अब भी दिखाई दे रहा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में आज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से कई जिलों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, जबकि बिहार और छत्तीसगढ़ में नदियां उफान पर हैं।
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से बिगड़े हालात
उत्तर प्रदेश के कई शहरों में करीब 60 घंटे से रुक-रुककर बारिश हो रही है। अलग-अलग हादसों में 13 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 32 जिलों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रदेश के 63 जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
लखनऊ के पुराने शहर के हुसैनाबाद इलाके में भारी बारिश के कारण ऐतिहासिक गेट का एक हिस्सा गिर गया। यह इलाका काफी भीड़भाड़ वाला है और यहां से यातायात भी गुजरता है। हालांकि, हादसे के समय मौके पर भीड़ कम होने के कारण कोई घायल नहीं हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और रास्ते को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया।
लखनऊ में KKC के पास एक कार पर पेड़ गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। बरेली के बारादरी मॉडल टाउन इलाके में भी कार पर पेड़ गिरने की घटना सामने आई। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई, जिसमें पेड़ गिरते ही एक महिला भागकर अपनी जान बचाती दिखाई दे रही है।
उत्तर प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में आज भी भारी बारिश का अलर्ट है। हालांकि, अगले 24 घंटे के बाद मौसम में सुधार की संभावना जताई गई है।
नेपाल सीमा से सटे जिलों में विशेष निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रेस्क्यू टीमों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। डीएम और अन्य अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों को तत्काल मदद देने के लिए कहा गया है।
लखनऊ में तेज बारिश के बीच डीएम और नगर आयुक्त ने शहर का दौरा कर जलभराव वाले इलाकों का जायजा लिया। अधिकारियों को जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए।
कानपुर से गोरखपुर तक जलभराव
लगातार बारिश के कारण कानपुर के कई इलाकों में पानी भर गया है। गोरखपुर में शनिवार को तेज हवा के साथ हुई मूसलाधार बारिश से ड्रेनेज सिस्टम की स्थिति सामने आ गई। सड़कें और बाजार पानी में डूब गए, जबकि कई जगह बारिश का पानी घरों और दुकानों में घुस गया।
गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और लोगों को मदद का भरोसा दिया।
उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे पर भी भारी जलभराव हुआ है। टोल गेट के पास करीब तीन फीट तक पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ। बशीरतगंज के पास भी पानी भरने के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई।
इस बीच, अखिलेश यादव ने एक्स पर जलमग्न गंगा एक्सप्रेसवे की तस्वीर साझा की और बीजेपी पर निशाना साधा।
बिहार में भी बाढ़ को लेकर सतर्कता
बिहार में भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है। नेपाल के तराई क्षेत्र में भारी बारिश के कारण राज्य में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इसमें 17 संवेदनशील जिलों के डीएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े और बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई। NDRF और SDRF को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ में उफान पर नदी-नाले
छत्तीसगढ़ में भी लगातार बारिश से हालात बिगड़े हुए हैं। पिछले पांच दिनों से हो रही बारिश के कारण छोटे-बड़े नदी-नाले उफान पर हैं। कई जगह सड़कें पानी में डूबी हैं, जबकि खेतों और घरों में भी पानी भर गया है।
रायपुर में खारून नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। रायपुर-जगदलपुर नेशनल हाईवे पर भी पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बस्तर में इंद्रावती नदी भी उफान पर है। भारी बारिश के बाद कई गांवों में पानी भर गया। निचले इलाकों में फंसे लोगों को NDRF की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
सिक्किम में राहत और बचाव अभियान जारी
सिक्किम में क्लाउडबर्स्ट के बाद प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का काम जारी है। रिंबी इलाके में जमा मिट्टी और मलबे को हटाया जा रहा है। यहां करीब 36 से 37 परिवार प्रभावित हुए हैं और कुछ घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं।
पहाड़ों पर बारिश के साथ शुरू हुई बर्फबारी
मैदानी इलाकों में बारिश और बाढ़ ने मुश्किलें बढ़ाई हैं, तो पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी शुरू हो गई है।
उत्तराखंड के चमोली जिले के कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई है। हेमकुंड साहिब में लगातार बर्फबारी के कारण तापमान गिर गया है। केदारनाथ धाम में भी बारिश के चलते ठंड बढ़ गई है। बारिश और बर्फबारी के कारण चारधाम यात्रा को दो दिनों के लिए रोक दिया गया है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। कूनोचारंग-छितकुल इलाके में बर्फबारी से सेब की फसलों को नुकसान पहुंचने की खबर है। ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी जारी है, जबकि निचले इलाकों में बारिश का दौर बना हुआ है।
