लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने दलित और पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को अपने साथ जोड़ने की रणनीति तेज कर दी है। पार्टी अगले सप्ताह से प्रदेश में ‘सामाजिक न्याय सम्मेलन’ आयोजित करेगी। इसकी शुरुआत 21 अगस्त को लखनऊ से होगी। इसके बाद 22 अगस्त को कानपुर और 23 अगस्त को झांसी में सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
लखनऊ से होगी सम्मेलनों की शुरुआत
पहला सामाजिक न्याय सम्मेलन 21 अगस्त को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय लखनऊ में आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और पिछड़ा वर्ग विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिंद समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
सम्मेलनों के जरिए कांग्रेस दलितों और पिछड़ों को संविधान और आरक्षण के मुद्दे पर पार्टी से जोड़ने की कोशिश करेगी। पार्टी ने इसके लिए चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में सम्मेलन आयोजित करने की रणनीति बनाई है।
‘जितनी आबादी उतना हक’ के नारे पर फोकस
कांग्रेस लंबे समय से भाजपा पर संविधान में बदलाव कर आरक्षण की व्यवस्था खत्म करने की कोशिश करने का आरोप लगाकर उसे घेरती रही है। अब पार्टी इसी मुद्दे को दलित और पिछड़े वर्ग के बीच अपनी राजनीतिक रणनीति का प्रमुख आधार बनाने की तैयारी में है।
प्रदेश प्रभारी बनने के बाद राजेंद्र पाल गौतम लगातार बसपा से अलग हो चुके दलित आधार को कांग्रेस से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पार्टी नेताओं को संकेत दिया है कि उत्तर प्रदेश में सत्ता तक पहुंचने के लिए बसपा से दूरी बना चुके दलित और पिछड़े वर्ग के नेताओं को कांग्रेस के साथ लाना जरूरी होगा।
इसी रणनीति के तहत पार्टी ने ‘जितनी आबादी उतना हक’ का नारा दिया है। कांग्रेस अब इसी मुद्दे को लेकर विधानसभा स्तर पर सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी कर रही है।
पहले चरण में तीन शहरों का कार्यक्रम तय
सामाजिक न्याय सम्मेलनों के पहले चरण के लिए लखनऊ, कानपुर और झांसी का कार्यक्रम तय किया गया है। 21 अगस्त को लखनऊ में शुरुआत के बाद 22 अगस्त को कानपुर और 23 अगस्त को झांसी में सम्मेलन होगा।
पार्टी का लक्ष्य इन कार्यक्रमों के जरिए दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाना और संगठन को मजबूत करना है।
संगठन मजबूत करने पर भी कांग्रेस का जोर
सम्मेलनों के आयोजन से पहले कांग्रेस ने छह सह प्रभारियों की नियुक्ति की है। पार्टी के इस कदम से संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी का भी गठन किया जा सकता है।
फिलहाल पार्टी सामाजिक न्याय सम्मेलनों के जरिए प्रदेश में संगठन को मजबूत करने की कोशिश करेगी। इसके साथ ही बसपा से दूरी बना चुके और पार्टी से नाराज चल रहे नेताओं को कांग्रेस के साथ जोड़ने की रणनीति पर भी काम किया जा रहा है।
पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने बताया कि सामाजिक न्याय सम्मेलनों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
