न्यू मैक्सिको: इंस्टाग्राम और फेसबुक की मूल कंपनी मेटा को अमेरिका के न्यू मैक्सिको की अदालत से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने कंपनी को 567 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 5404 करोड़ रुपये) का भुगतान करने का आदेश दिया है। अदालत का मानना है कि कंपनी के प्लेटफॉर्म से युवाओं को नुकसान पहुंचा और उससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई गई। यह राशि प्रभावित युवाओं के इलाज और उनसे जुड़े अन्य कार्यक्रमों पर खर्च की जाएगी। यह फैसला उस अहम मुकदमे के दूसरे चरण में आया है, जिसमें मेटा पहले ही शुरुआती चरण में हार का सामना कर चुकी थी।
ज्यादातर राशि युवाओं के इलाज पर होगी खर्च
गुरुवार देर रात फैसला सुनाते हुए जज ब्रायन बिडचेड ने कहा कि भुगतान की जाने वाली राशि का बड़ा हिस्सा युवाओं के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। अदालत के अनुसार, 420 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 4003 करोड़ रुपये) उपचार संबंधी कार्यों पर खर्च होंगे। शेष राशि अगले पांच वर्षों में जागरूकता अभियान, रोकथाम कार्यक्रम, स्क्रीनिंग सेवाओं और अन्य संबंधित गतिविधियों पर खर्च की जाएगी।
बच्चों की मानसिक सेहत और सुरक्षा को लेकर गंभीर टिप्पणी
मुकदमे के पहले चरण में जूरी ने मेटा पर 375 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सिविल पेनल्टी लगाने का आदेश दिया था। अदालत ने माना था कि कंपनी ने बच्चों की मानसिक सेहत को प्रभावित करने वाले पहलुओं और अपने प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी जानकारी को पर्याप्त रूप से सामने नहीं रखा। दूसरे चरण की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत से कंपनी के प्लेटफॉर्म में व्यापक बदलाव कराने की मांग की, जिसमें लत बढ़ाने वाले फीचर्स पर नियंत्रण, उम्र की जांच प्रणाली को मजबूत करना, डिफॉल्ट गोपनीयता सेटिंग्स को बेहतर बनाना और बच्चों की सुरक्षा के लिए निगरानी तंत्र को सख्त करने जैसे सुझाव शामिल थे।
उम्र सत्यापन कानूनों पर भी अदालत की टिप्पणी
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि संघीय बाल गोपनीयता कानून मेटा को 13 वर्ष से कम आयु के बच्चों पर उम्र सत्यापन उपकरण लागू करने की अनुमति नहीं देते। अदालत ने स्पष्ट किया कि मौजूदा कानूनों के तहत कंपनी को बच्चों से व्यक्तिगत जानकारी एकत्र करने या उन्हें निष्क्रिय रूप से ऑनलाइन ट्रैक करने का निर्देश नहीं दिया जा सकता, चाहे उसका उद्देश्य उम्र का सत्यापन ही क्यों न हो। अदालत ने यह भी कहा कि केवल मेटा पर ऐसे विशेष निर्देश लागू करना, जबकि अन्य सोशल मीडिया कंपनियों पर समान नियम न हों, कंपनी के लिए अनुचित और अत्यधिक नुकसानदायक होगा।
