वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक निजी स्कूल में पांच वर्षीय छात्र के साथ कथित अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि पैंट में पेशाब हो जाने पर शिक्षिका ने पहले मासूम के साथ मारपीट की और फिर गैस लाइटर से उसके निजी अंग को जला दिया। पीड़ित बच्चे के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पिता ने दर्ज कराई शिकायत, पुलिस जांच में जुटी
यह मामला लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र स्थित सेरीन सोनी प्ले स्कूल, काशी इन्क्लेव का बताया जा रहा है। पीड़ित बच्चे के पिता, जो पेशे से अधिवक्ता हैं, ने शिक्षिका, स्कूल की प्रिंसिपल और प्रबंधन के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
बाथरूम जाने की अनुमति नहीं मिलने का आरोप

बच्चे के पिता के अनुसार, 24 जुलाई को उनका बेटा स्कूल गया था। इस दौरान उसने शिक्षिका से बाथरूम जाने की अनुमति मांगी, लेकिन उसे जाने नहीं दिया गया। आरोप है कि इसी वजह से बच्चे की पैंट में पेशाब हो गया। इसके बाद शिक्षिका नाराज हो गई और उसे दूसरे कमरे में ले जाकर मारपीट की।
गैस लाइटर से निजी अंग जलाने का गंभीर आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शिक्षिका ने गुस्से में गैस लाइटर से बच्चे के निजी अंग को जला दिया। साथ ही दोबारा ऐसी घटना होने पर और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। घर लौटने के बाद बच्चे ने अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिवार ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
परिजनों ने प्रबंधन पर भी लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित बच्चे के पिता का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने शिक्षिका से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका फोन नहीं उठाया गया। उनका आरोप है कि स्कूल की प्रिंसिपल ने भी सहयोग नहीं किया और उल्टा उन्हें धमकाया गया। इसी आधार पर उन्होंने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।
अखिलेश यादव बोले- बच्चे पर जीवनभर पड़ सकता है असर
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल और उचित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना का मानसिक और शारीरिक प्रभाव बच्चे पर लंबे समय तक पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को बच्चों के प्रति संवेदनशीलता, सहानुभूति और मानवीय व्यवहार अपनाना चाहिए।
मामले की जांच जारी
पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सभी आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
