शरीर में मैग्नीशियम की कमी के संकेत? रोजाना डाइट में शामिल करें ये 4 सुपरफूड, थकान और मांसपेशियों की कमजोरी से मिल सकती है राहत

नई दिल्ली: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन के साथ-साथ मिनरल्स की भी पर्याप्त मात्रा जरूरी होती है। इन्हीं महत्वपूर्ण मिनरल्स में मैग्नीशियम भी शामिल है, जो शरीर की कई आवश्यक जैविक प्रक्रियाओं में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर लगातार थकान, मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी, झुनझुनी और नींद से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित आहार में मैग्नीशियम से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल कर इसकी कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है।

मैग्नीशियम क्यों है शरीर के लिए जरूरी?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मैग्नीशियम मांसपेशियों, तंत्रिका तंत्र, हड्डियों और हृदय के सामान्य कार्यों के लिए आवश्यक खनिज है। इसकी कमी होने पर मांसपेशियों में खिंचाव, लगातार थकान, हाथ-पैरों में झुनझुनी, कमजोरी और नींद में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर कमी की स्थिति में अनियमित दिल की धड़कन, तनाव और हड्डियों के कमजोर होने का खतरा भी बढ़ सकता है।

1. पालक को बनाएं रोजाना की डाइट का हिस्सा

हरी पत्तेदार सब्जियों में पालक मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें आयरन के साथ पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम भी पाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार पालक को हल्का पकाकर सब्जी, सूप या अन्य व्यंजनों के रूप में खाने से पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण हो सकता है।

2. राजमा से मिलेगी मैग्नीशियम और प्रोटीन की अच्छी मात्रा

राजमा शाकाहारी लोगों के लिए मैग्नीशियम, प्रोटीन और फाइबर का बेहतरीन स्रोत है। लगभग 100 ग्राम उबले हुए राजमा में करीब 45 मिलीग्राम मैग्नीशियम पाया जाता है। नियमित रूप से संतुलित मात्रा में इसका सेवन शरीर को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है।

3. कद्दू के बीज और बादाम करें शामिल

कद्दू के बीज और बादाम मैग्नीशियम से भरपूर खाद्य पदार्थों में गिने जाते हैं। ये मांसपेशियों के सामान्य कार्य, थकान कम करने और अच्छी नींद में सहायक हो सकते हैं। रोजाना एक चम्मच हल्के भूने हुए कद्दू के बीज और 5 से 7 भीगे हुए बादाम का सेवन लाभकारी माना जाता है।

4. मिलेट्स और किनोवा भी हैं बेहतर विकल्प

मोटे अनाज (मिलेट्स) और किनोवा भी मैग्नीशियम और फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। इन्हें रोटी, खिचड़ी या उपमा जैसे व्यंजनों में शामिल कर दैनिक आहार को अधिक पौष्टिक बनाया जा सकता है।

लक्षण लंबे समय तक रहें तो डॉक्टर से कराएं जांच

यदि लंबे समय से थकान, मांसपेशियों में ऐंठन, बार-बार झुनझुनी या नींद से जुड़ी समस्या बनी हुई है, तो केवल खानपान के भरोसे न रहें। ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेकर आवश्यक जांच कराना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर मैग्नीशियम सप्लीमेंट या अन्य उपचार की सलाह दे सकते हैं।

 

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