कैल्शियम की कमी से बचना है? रोजाना खाएं ये 5 सुपरफूड्स, मजबूत रहेंगी हड्डियां और दांत

नई दिल्ली: हड्डियों की मजबूती और शरीर के समुचित विकास के लिए कैल्शियम बेहद जरूरी पोषक तत्व माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, कैल्शियम की कमी से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और आगे चलकर कई गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सही खानपान अपनाकर शरीर की कैल्शियम जरूरत को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है।

चिकित्सकों के मुताबिक, 19 से 50 वर्ष की आयु के लोगों को प्रतिदिन लगभग 1000 मिलीग्राम कैल्शियम की आवश्यकता होती है। वहीं 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं और बुजुर्ग पुरुषों के लिए यह मात्रा बढ़कर 1200 मिलीग्राम तक पहुंच जाती है।

रागी को बनाएं डाइट का हिस्सा

कैल्शियम का अच्छा स्रोत मानी जाने वाली रागी हड्डियों के लिए बेहद फायदेमंद है। रोजाना दो मध्यम आकार की रागी की रोटियां खाने से शरीर को लगभग 200 से 250 मिलीग्राम तक कैल्शियम मिल सकता है। नियमित सेवन हड्डियों को मजबूती देने में मददगार माना जाता है।

भुना हुआ तिल देगा कैल्शियम का अच्छा डोज

तिल में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। दिनभर में दो चम्मच भुना हुआ तिल खाने से शरीर को करीब 180 से 200 मिलीग्राम कैल्शियम मिल सकता है। इसे सलाद, लड्डू या अन्य व्यंजनों में शामिल किया जा सकता है।

हरी पत्तेदार सब्जियां भी हैं जरूरी

पालक, मेथी, सरसों और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां कैल्शियम का अच्छा स्रोत मानी जाती हैं। रोजाना एक कटोरी हरी सब्जियों का सेवन करने से लगभग 200 मिलीग्राम कैल्शियम प्राप्त किया जा सकता है। इसके साथ ही इनमें कई अन्य जरूरी पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं।

बादाम से मिलेगी अतिरिक्त मजबूती

सूखे मेवों में बादाम को सेहत का खजाना माना जाता है। प्रतिदिन 8 से 10 बादाम खाने से शरीर को लगभग 80 से 100 मिलीग्राम कैल्शियम मिल सकता है। साथ ही यह मस्तिष्क और हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है।

छोले भी हैं कैल्शियम का अच्छा स्रोत

एक कटोरी छोले का सेवन करने से शरीर को करीब 80 से 100 मिलीग्राम कैल्शियम मिल सकता है। छोले में प्रोटीन और फाइबर भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं।

विटामिन डी का भी रखें ध्यान

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल कैल्शियम का सेवन पर्याप्त नहीं है। यदि शरीर में विटामिन डी की कमी है तो कैल्शियम का अवशोषण सही तरीके से नहीं हो पाता। इसलिए धूप, संतुलित आहार और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार विटामिन डी का स्तर भी बनाए रखना जरूरी है।

 

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