मुंबई: परिवार की आर्थिक परेशानियों के बीच कम उम्र में काम शुरू करने वाले कुणाल शाह आज वैश्विक तकनीकी जगत के चर्चित नामों में शामिल हो गए हैं। कभी डिलीवरी बॉय के रूप में काम कर परिवार की मदद करने वाले कुणाल शाह को अब दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप का ग्लोबल हेड बनाए जाने की घोषणा के बाद उनकी सफलता की कहानी एक बार फिर सुर्खियों में है। इस फैसले ने भारतीय स्टार्टअप जगत में नई चर्चा को जन्म दिया है।
आर्थिक संकट ने बचपन में ही संभाल दी जिम्मेदारियां
कुणाल शाह का शुरुआती जीवन चुनौतियों से भरा रहा। उनके पिता का कारोबार बंद होने के बाद परिवार आर्थिक संकट से गुजरने लगा। ऐसे हालात में उन्होंने महज 14-15 साल की उम्र में कमाना शुरू कर दिया। परिवार का सहयोग करने के लिए उन्होंने डिलीवरी बॉय, डेटा एंट्री ऑपरेटर, मेहंदी कोन विक्रेता, साइबर कैफे संचालक और कंप्यूटर ट्यूटर जैसे कई काम किए। बताया जाता है कि 16 वर्ष की उम्र तक वह अपनी जरूरतों का खर्च स्वयं उठाने लगे थे।
फिलॉसफी की पढ़ाई, बीच में छोड़ा MBA
कुणाल शाह ने मुंबई के विल्सन कॉलेज से फिलॉसफी में शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने एनएमआईएमएस में एमबीए में दाखिला लिया, लेकिन पढ़ाई को बीच में ही छोड़ दिया। उनका मानना था कि वास्तविक जीवन के अनुभव किताबों की तुलना में अधिक सीख देते हैं। वह कई मौकों पर यह कह चुके हैं कि सफलता के लिए डिग्री से ज्यादा जरूरी सीखने की क्षमता और समस्याओं को समझने का दृष्टिकोण होता है।
फ्रीचार्ज से बनाई पहचान, फिर खड़ी की बड़ी फिनटेक कंपनी
उद्यमिता की दुनिया में कुणाल शाह ने सबसे पहले डिजिटल पेमेंट स्टार्टअप फ्रीचार्ज की शुरुआत की। यह भारत के शुरुआती सफल फिनटेक स्टार्टअप्स में शामिल हुआ और बाद में एक्सिस बैंक ने इसका अधिग्रहण कर लिया। इसके बाद वर्ष 2018 में उन्होंने क्रेड की स्थापना की। यह ऐसा प्लेटफॉर्म है जो समय पर क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान करने वाले ग्राहकों को रिवॉर्ड प्रदान करता है। आज क्रेड देश की प्रमुख फिनटेक कंपनियों में गिनी जाती है और इसके करोड़ों सक्रिय उपयोगकर्ता हैं।
व्हाट्सएप की वैश्विक जिम्मेदारी संभालेंगे कुणाल शाह
हाल ही में मेटा द्वारा क्रेड में बड़ा निवेश किए जाने के बाद कंपनी ने कुणाल शाह को व्हाट्सएप का ग्लोबल हेड नियुक्त करने की घोषणा की है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि कुणाल शाह ने क्रेड को भारत की महत्वपूर्ण टेक कंपनियों में स्थापित किया है और उनके पास वैश्विक नेतृत्व की क्षमता है। वह मौजूदा प्रमुख विल कैथकार्ट की जगह जिम्मेदारी संभालेंगे। हालांकि, वह क्रेड में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखेंगे।
लाखों युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत
कुणाल Shah का सफर इस बात का उदाहरण माना जा रहा है कि कठिन परिस्थितियां भी सफलता की राह नहीं रोक सकतीं। कम उम्र में छोटे-मोटे काम करने से लेकर वैश्विक स्तर की बड़ी जिम्मेदारी तक पहुंचने की उनकी कहानी मेहनत, निरंतर सीखने की इच्छा और नवाचार की सोच का प्रतीक बन चुकी है। भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में उन्हें आज दूरदर्शी और सफल उद्यमियों में गिना जाता है।
