नई दिल्ली : बदलती जीवनशैली, कम पानी पीने की आदत और अनियमित खानपान के कारण किडनी स्टोन यानी पथरी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। शुरुआत में यह समस्या अक्सर बिना किसी बड़े लक्षण के विकसित होती है, लेकिन जैसे-जैसे पथरी का आकार बढ़ता है, यह गंभीर दर्द और स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर पहले ही कई संकेत देने लगता है, जिन्हें समय रहते पहचान लिया जाए तो बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है।
किडनी स्टोन तब बनता है जब शरीर में पानी की कमी होने लगती है और नमक व अन्य खनिज जमा होकर छोटे-छोटे कणों का रूप ले लेते हैं। समय के साथ यही कण पथरी में बदल जाते हैं। कई मामलों में इलाज में देरी होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है और ऑपरेशन की आवश्यकता भी पड़ सकती है।
पीठ और पेट के निचले हिस्से में अचानक तेज दर्द
किडनी स्टोन का सबसे प्रमुख और शुरुआती संकेत अचानक होने वाला तेज दर्द माना जाता है। यह दर्द आम पेट दर्द से अलग होता है और आमतौर पर पीठ, पसलियों के नीचे तथा पेट के निचले हिस्से में महसूस होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह दर्द लहरों की तरह आता-जाता है। कई बार दर्द इतना तीव्र होता है कि व्यक्ति ठीक से बैठ या लेट भी नहीं पाता। यदि दर्द पेट से बढ़कर जांघों की ओर फैलने लगे तो यह पथरी के मूत्रवाहिनी में खिसकने का संकेत हो सकता है।
पेशाब के दौरान जलन और दर्द
जब पथरी मूत्र मार्ग के पास पहुंच जाती है, तो पेशाब करते समय तेज जलन और दर्द महसूस हो सकता है। कई लोग इसे सामान्य संक्रमण समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लगातार बनी रहने वाली जलन गंभीर संकेत हो सकती है।
यदि पर्याप्त पानी पीने के बाद भी समस्या कम नहीं हो रही है और हर बार पेशाब के दौरान दर्द महसूस हो रहा है, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
पेशाब का रंग बदलना या खून आना
स्वस्थ व्यक्ति का पेशाब सामान्यतः साफ या हल्के पीले रंग का होता है। लेकिन पथरी की वजह से मूत्र मार्ग में रगड़ लगने पर रक्तस्राव हो सकता है।
ऐसी स्थिति में पेशाब का रंग गुलाबी, लाल या गहरा भूरा दिखाई दे सकता है। इसके अलावा संक्रमण होने पर पेशाब धुंधला हो सकता है और उसमें तेज दुर्गंध भी आ सकती है।
बार-बार पेशाब आने की समस्या
किडनी स्टोन का एक और महत्वपूर्ण संकेत बार-बार पेशाब लगना है। जब पथरी मूत्र मार्ग के निचले हिस्से तक पहुंच जाती है, तो मूत्राशय पर लगातार दबाव पड़ता है।
इस कारण व्यक्ति को बार-बार शौचालय जाने की इच्छा होती है, लेकिन पेशाब की मात्रा बहुत कम निकलती है। रात के समय यह समस्या अधिक परेशान कर सकती है और नींद भी प्रभावित हो सकती है।
जी मिचलाना और उल्टी होना
विशेषज्ञ बताते हैं कि किडनी और पाचन तंत्र के बीच तंत्रिकाओं का गहरा संबंध होता है। पथरी के कारण होने वाला तेज दर्द और दबाव कई बार पाचन तंत्र को भी प्रभावित करता है।
इसके चलते मरीज को मतली, बेचैनी और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यदि पेट दर्द के साथ लगातार जी मिचलाना या उल्टी की शिकायत हो रही है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
लक्षण दिखें तो न करें लापरवाही
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी स्टोन के शुरुआती संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है। समय पर जांच और उपचार से न केवल गंभीर दर्द से बचा जा सकता है, बल्कि ऑपरेशन जैसी स्थिति को भी टाला जा सकता है। पर्याप्त पानी पीना, संतुलित आहार लेना और नियमित स्वास्थ्य जांच कराना इस समस्या से बचाव के प्रभावी उपाय माने जाते हैं।
