नई दिल्ली: म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग इन दिनों भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं। इसी क्रम में उन्होंने राजधानी नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने पर जोर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत और म्यांमार के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को और गहरा करने की दिशा में यह बैठक अहम रही। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए साझेदारी को और आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
पीएम मोदी से मुलाकात पर टिकी नजरें
विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति की होने वाली आगामी मुलाकात का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।
बोधगया यात्रा और आध्यात्मिक जुड़ाव
म्यांमार के राष्ट्रपति ने अपनी भारत यात्रा की शुरुआत बोधगया से की, जहां उन्होंने महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की। यह दौरा भारत और म्यांमार के बीच गहरे बौद्ध और सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है। अधिकारियों के अनुसार यह यात्रा दोनों देशों की साझा विरासत को और मजबूत करती है।
नई दिल्ली में औपचारिक स्वागत
नई दिल्ली पहुंचने पर म्यांमार के राष्ट्रपति का औपचारिक स्वागत किया गया। विदेश मंत्रालय के अनुसार राज्य मंत्री ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। इस यात्रा को दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
30 मई से 2 जून तक भारत दौरा
जानकारी के अनुसार म्यांमार के राष्ट्रपति की यह भारत यात्रा 30 मई से 2 जून तक चलेगी। यह उनकी राष्ट्रपति के रूप में भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है, जिसमें उनके साथ वरिष्ठ मंत्री, अधिकारी और व्यापारिक प्रतिनिधियों का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी शामिल है।
