नई दिल्ली: भारतीय रेलवे की प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस यात्रियों की पहली पसंद बनती जा रही है। उत्तर रेलवे के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से जून 2026 के दौरान वंदे भारत ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही इन ट्रेनों से होने वाले राजस्व में भी बड़ी वृद्धि देखने को मिली है।
तीन महीने में 83 प्रतिशत बढ़े यात्री
उत्तर रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-जून 2026 के दौरान वंदे भारत ट्रेनों में 1,47,462 यात्रियों ने सफर किया। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 80,394 थी। इस तरह एक वर्ष में यात्रियों की संख्या में 83 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
राजस्व में 72 प्रतिशत का इजाफा
यात्रियों की बढ़ती संख्या का असर रेलवे की आय पर भी दिखाई दिया। वंदे भारत ट्रेनों से प्राप्त राजस्व 7.67 करोड़ रुपये से बढ़कर 13.21 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो 72 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
प्रारंभिक यात्रियों और आय में भी बढ़ोतरी
इस अवधि में ट्रेन के प्रारंभिक स्टेशन से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या 11.43 करोड़ से बढ़कर 12.07 करोड़ हो गई, जो 5.6 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं, इन यात्रियों से होने वाली आय 3,083.42 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,567.59 करोड़ रुपये हो गई। यह 15.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाती है।
बेहतर संचालन रणनीति को बताया वजह
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय के अनुसार, इन बेहतर परिणामों के पीछे केंद्रित परिचालन रणनीति, संसाधनों का प्रभावी उपयोग, सतत निगरानी, मजबूत टिकट जांच व्यवस्था, क्षेत्रीय स्तर पर बेहतर पर्यवेक्षण और अधिकारियों तथा कर्मचारियों की सामूहिक प्रतिबद्धता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने पर रहेगा जोर
उत्तर रेलवे का कहना है कि भविष्य में भी यात्रियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने, परिचालन की गुणवत्ता बनाए रखने और रेलवे के राजस्व में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य जारी रखा जाएगा।
