पटना: NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में जारी बहस के बीच बिहार के चर्चित शिक्षक खान सर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली, NTA की कार्यशैली और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ हो रहा है। खान सर ने सुप्रीम कोर्ट से भी अपील की कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए न्याय किया जाए, केवल फैसला न सुनाया जाए।
खान सर ने कहा कि “न्याय और निर्णय में बहुत फर्क होता है। बच्चों के साथ न्याय तब होगा जब उनके भविष्य और मेहनत को ध्यान में रखा जाएगा। लेकिन अक्सर सिर्फ फैसला सुना दिया जाता है।” उन्होंने दावा किया कि साल 2024 में भी छात्रों के साथ न्याय नहीं हुआ था।
NTA को बताया ‘Never Trustable Agency’
खान सर ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA पर सीधा हमला बोलते हुए उसे “Never Trustable Agency” बताया। उन्होंने कहा कि जिस संस्था पर लाखों छात्र भरोसा करते हैं, वही संस्था उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी के भीतर ऐसे लोग मौजूद हैं जो अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से नहीं लेते। खान सर के मुताबिक, “अगर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही नहीं होगी तो पेपर लीक जैसी घटनाएं लगातार होती रहेंगी।”
‘अंदरूनी लोगों की भूमिका की जांच जरूरी’
खान सर ने पेपर लीक की प्रक्रिया को लेकर भी विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि परीक्षा के प्रश्नपत्र अलग-अलग स्तर पर तैयार किए जाते हैं और सीमित लोगों को ही पूरी जानकारी होती है। उनके मुताबिक, यदि शीर्ष स्तर पर शामिल कोई व्यक्ति सिस्टम से जुड़ जाए तो पेपर लीक करना आसान हो जाता है।
उन्होंने कहा कि जब तक एजेंसी के अंदर मौजूद संदिग्ध लोगों की पहचान नहीं की जाएगी, तब तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं।
‘सजा नहीं मिलने से बढ़ रहे अपराध’
खान सर ने पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई न होने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जब अपराध करने वालों को सजा का डर नहीं होता तो ऐसे घोटाले लगातार बढ़ते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े घोटालों में शामिल कई लोग आसानी से जमानत पर बाहर आ जाते हैं और यही वजह है कि अपराधियों का मनोबल बढ़ता है।
उनका कहना था कि यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में भी परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर होता जाएगा।
‘एक नंबर से टूट जाते हैं बच्चों के सपने’
खान सर ने छात्रों की मानसिक स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर सालों मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी पूरी तैयारी और मानसिक संतुलन पर असर डालती हैं।
उन्होंने कहा कि कई छात्रों का भविष्य सिर्फ एक-दो नंबर से प्रभावित हो जाता है। दोबारा परीक्षा देने का दबाव, मानसिक तनाव और अनिश्चितता बच्चों को अंदर तक तोड़ देती है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ता है।
मीडिया और सिस्टम दोनों पर सवाल
खान सर ने मीडिया की भूमिका पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ दिनों तक मामला सुर्खियों में रहता है, लेकिन बाद में छात्र अकेले रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया और व्यवस्था दोनों को यह समझना होगा कि यह सिर्फ एक खबर नहीं बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य का सवाल है।
NTA में बड़े बदलाव की मांग
खान सर ने सुझाव दिया कि NTA में व्यापक सुधार किए जाएं और एक मजबूत आंतरिक सुरक्षा तंत्र बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि पेपर लीक जैसी घटनाओं में जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई तय हो, तभी व्यवस्था में सुधार संभव है।
उन्होंने कहा कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक हर कुछ साल में ऐसे विवाद सामने आते रहेंगे और छात्र परेशान होते रहेंगे।
छात्रों को दिया हौसले का संदेश
अंत में खान सर ने छात्रों से हार न मानने की अपील की। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां कठिन जरूर हैं, लेकिन मेहनत का रास्ता छोड़ना समाधान नहीं है। उन्होंने छात्रों से दोबारा पूरी ताकत के साथ तैयारी में जुटने और खुद पर भरोसा बनाए रखने की बात कही।
