शुभेंदु की टीम में कौन-कौन? जानिए बंगाल के नए मंत्रियों का पूरा प्रोफाइल

राघवेन्द्र मिश्रा
राघवेन्द्र मिश्रा

West Bengal में पहली बार भाजपा सरकार बनने के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari की नई कैबिनेट को लेकर हो रही है।

शुभेंदु अधिकारी के शपथ लेते ही बंगाल की राजनीति में नया अध्याय शुरू हो गया। लेकिन असली दिलचस्पी अब इस बात को लेकर है कि आखिर भाजपा ने किन चेहरों पर दांव लगाया है और कौन मंत्री राज्य की राजनीति में नया पावर सेंटर बनने जा रहा है।

अग्निमित्रा पॉल: फैशन डिजाइनर से सत्ता के केंद्र तक

Agnimitra Paul इस नई कैबिनेट का सबसे चर्चित चेहरा बनकर उभरी हैं। भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष रहीं अग्निमित्रा पॉल को सरकार में बेहद अहम भूमिका मिलने की चर्चा तेज है। आसनसोल दक्षिण सीट से उन्होंने टीएमसी उम्मीदवार तापस बनर्जी को 40 हजार से ज्यादा वोटों से हराकर बड़ी जीत दर्ज की।

दिलचस्प बात यह है कि राजनीति में आने से पहले वह फैशन डिजाइनर थीं। उन्होंने बॉटनी में बीएससी, फैशन टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा और MBA तक की पढ़ाई की है। हालांकि उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं, लेकिन किसी भी केस में अब तक दोष साबित नहीं हुआ है।

दिलीप घोष: बंगाल में BJP की जमीन तैयार करने वाला चेहरा

Dilip Ghosh को बंगाल भाजपा का सबसे आक्रामक और जमीनी नेता माना जाता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से राजनीति में आए दिलीप घोष ने बूथ स्तर तक भाजपा का नेटवर्क खड़ा करने में बड़ी भूमिका निभाई। आदिवासी इलाकों और पिछड़े वर्ग में भाजपा की पैठ मजबूत करने का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है। 2015 से 2021 तक बंगाल भाजपा अध्यक्ष रहे घोष का “चाय पे चर्चा” अभियान काफी चर्चित रहा था।

हालांकि 2024 लोकसभा चुनाव में उन्हें हार मिली, लेकिन 2026 विधानसभा चुनाव में उन्होंने दमदार वापसी करते हुए खड़गपुर सदर सीट जीत ली।

निशिथ प्रमाणिक: सबसे युवा केंद्रीय मंत्री से बंगाल कैबिनेट तक

Nisith Pramanik को भाजपा का युवा और आक्रामक चेहरा माना जाता है। वे 2021 से 2024 तक केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री और खेल राज्य मंत्री रह चुके हैं। सिर्फ 35 साल की उम्र में केंद्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा बनना उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धियों में गिना जाता है।

राजवंशी समुदाय से आने वाले निशिथ प्रमाणिक उत्तर बंगाल में भाजपा का मजबूत चेहरा माने जाते हैं। हालांकि 2021 में उनकी नागरिकता को लेकर विवाद भी उठा था, लेकिन भाजपा ने उन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया था।

अशोक कीर्तानिया: कारोबारी से मंत्री तक का सफर

Ashok Kirtania ने उत्तर 24 परगना की बनगांव उत्तर एससी सीट से जीत दर्ज की। 52 वर्षीय अशोक पेशे से व्यवसायी और राजनेता हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है और करोड़ों की घोषित संपत्ति रखते हैं। उनके खिलाफ कुछ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें गंभीर आरोप भी शामिल हैं। हालांकि अदालत ने अब तक उन्हें किसी मामले में दोषी नहीं ठहराया है।

क्षुदीराम टुडु: शिक्षक से आदिवासी राजनीति का बड़ा चेहरा

Khudiram Tudu भाजपा के आदिवासी चेहरे के रूप में उभरे हैं। बांकुड़ा जिले की रानीबंध एसटी सीट से जीतने वाले टुडु पेशे से शिक्षक रहे हैं। उन्होंने विद्यासागर विश्वविद्यालय और बर्दवान विश्वविद्यालय से शिक्षा हासिल की है।

उनकी सबसे बड़ी खासियत यह मानी जा रही है कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, जो आज की राजनीति में दुर्लभ माना जाता है।

शुभेंदु की टीम से BJP क्या संदेश देना चाहती है?

नई कैबिनेट को देखकर साफ संकेत मिलते हैं कि भाजपा ने जातीय, क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है। कायस्थ, ओबीसी, राजवंशी, दलित और आदिवासी—लगभग हर बड़े सामाजिक वर्ग को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति दिखाई दे रही है। भाजपा बंगाल में सिर्फ सरकार बनाकर रुकना नहीं चाहती, बल्कि लंबे समय तक राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की तैयारी में है।

लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं

नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बंगाल की आक्रामक राजनीतिक संस्कृति और प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने की होगी। भाजपा को अब विपक्ष की भूमिका से निकलकर शासन की जिम्मेदारी निभानी है। ऐसे में शुभेंदु अधिकारी की टीम पर पूरे देश की नजर टिकी रहेगी।

शुभेंदु अधिकारी की नई कैबिनेट सिर्फ मंत्रियों की सूची नहीं, बल्कि भाजपा की बंगाल रणनीति का पूरा ब्लूप्रिंट मानी जा रही है। अब देखना होगा कि ये नए चेहरे बंगाल की राजनीति में बदलाव का नया अध्याय लिखते हैं या सत्ता का संघर्ष और तेज होने वाला है।

Hello UP फ्रंट सीट पर- सर्वे के आंकड़े ग्राउंड पर सच होते दिख रहे

Related posts

Leave a Comment