हरदीप पुरी बोले – ‘सब कंट्रोल में’, विपक्ष के नारे – ‘Epstein का दोस्त आया’”

साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

दिल्ली के संसद भवन में गुरुवार की दोपहर कुछ अलग थी। एक तरफ सरकार के मंत्री आश्वस्त करने की कोशिश कर रहे थे कि देश में गैस और क्रूड की सप्लाई सुरक्षित है

दूसरी तरफ विपक्ष के सांसद नारे लगा रहे थे। और इस शोर के बीच लोकसभा का माहौल ऐसा लग रहा था जैसे
ऊर्जा संकट पर बहस कम, सियासी थियेटर ज्यादा चल रहा हो।

जब केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri बोलने के लिए खड़े हुए, तभी विपक्ष की सीटों से नारे उठे
“देखो-देखो कौन आया… Epstein का दोस्त आया!”

लोकसभा में मंत्री का भरोसा

लोकसभा में बोलते हुए हरदीप पुरी ने साफ कहा कि भारत में क्रूड ऑयल और गैस की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की कोई कमी नहीं है। रोजाना LNG कार्गो भारत पहुंच रहे हैं। वैकल्पिक सप्लाई रूट्स भी सक्रिय कर दिए गए हैं।

उनके अनुसार भारत अभी करीब 40 देशों से क्रूड ऑयल आयात कर रहा है, जिनमें कनाडा, नॉर्वे और रूस भी शामिल हैं।

होर्मुज की हलचल और भारत की रणनीति

हरदीप पुरी ने संसद को बताया कि Strait of Hormuz से गुजरने वाली आवाजाही लगभग 20 प्रतिशत प्रभावित हुई है। लेकिन भारत ने पहले ही वैकल्पिक रास्तों और आपूर्ति चैनलों को सक्रिय कर दिया है।

उनका कहना था कि “भारत लंबे समय तक ऐसे हालात से निपटने के लिए तैयार है।”

यानी ऊर्जा की इस शतरंज में भारत अपने मोहरे पहले से सजा चुका है।

विपक्ष का हमला और संसद का शोर

मंत्री के भाषण के दौरान विपक्ष के सांसद लगातार नारेबाजी करते रहे। सत्ता पक्ष की बेंचों से जवाबी शोर आया। और कुछ मिनटों के लिए संसद का माहौल ऐसा हो गया जैसे यह बहस कम और चुनावी मंच ज्यादा हो।

राजनीति में यह दृश्य नया नहीं है। जब भी जनता की रसोई से जुड़ा मुद्दा उठता है, संसद की आवाज अपने आप तेज हो जाती है।

पैनिक से बढ़ी मांग

हरदीप पुरी ने यह भी कहा कि देश में गैस की मांग अचानक बढ़ने की एक वजह पैनिक बाइंग है। लोगों को लग रहा है कि कहीं गैस खत्म न हो जाए, इसलिए वे जल्दी-जल्दी सिलेंडर बुक कर रहे हैं।

सरकार के अनुसार LPG उत्पादन 28 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। CNG की सप्लाई 100 प्रतिशत जारी है। रिटेल नेटवर्क के जरिए केरोसिन की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है। यानी ऊर्जा की पूरी मशीनरी फुल स्पीड मोड में डाल दी गई है।

तीन मंत्रियों की कमेटी निगरानी में

सरकार ने हालात पर नजर रखने के लिए तीन मंत्रियों की कमेटी बनाई है। यह कमेटी रोजाना सप्लाई चेन, आयात और घरेलू वितरण की समीक्षा कर रही है। हरदीप पुरी ने संसद में कहा कि भारत “इतिहास के सबसे गंभीर वैश्विक ऊर्जा संकटों में से एक से गुजर रहा है, लेकिन हम इसे मैनेज करने में सक्षम हैं।”

गैस सिलेंडर और राजनीति

भारत में गैस सिलेंडर सिर्फ रसोई का हिस्सा नहीं है। यह राजनीति का भी एक बड़ा प्रतीक बन चुका है। कभी इसकी कीमत चुनावी बहस बन जाती है, कभी इसकी सप्लाई संसद में तूफान खड़ा कर देती है।

आज लोकसभा में जो हुआ, उसने एक बार फिर याद दिलाया कि भारत की राजनीति में रसोई की आग और सियासत की आग अक्सर साथ-साथ जलती हैं।

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