कुमार विश्वास ने बृजेश पाठक पर कसा तंज, राज्यसभा की कसक तो नहीं ये

शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

लखनऊ के एक कार्यक्रम में माहौल साहित्यिक था, मंच पर कविता थी, श्रोता ताली बजा रहे थे। लेकिन अचानक बातचीत का रंग ऐसा बदला कि कविता के बीच राजनीति भी मुस्कुराने लगी।

मशहूर कवि Kumar Vishwas का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम Brijesh Pathak को लेकर मंच से तंज कसते दिखाई दे रहे हैं।

मंच पर मौजूद लोग हंस रहे थे। लेकिन इंटरनेट की दुनिया में यह हंसी सियासी बहस बन गई।

कार्यक्रम में क्या हुआ जिसने वीडियो को वायरल बना दिया

यह वीडियो उस कार्यक्रम का है जिसमें Brijesh Pathak भी मौजूद थे। कार्यक्रम में अपने अंदाज के लिए मशहूर Kumar Vishwas ने चुटीले अंदाज में कहा कि “दोनों तरफ बांह फेंक-फेंक कर भाषण दिया, लगा कुछ देकर जाएंगे… लेकिन वेद देकर निकल गए।”

उन्होंने मजाक में यह भी कहा कि उपमुख्यमंत्री अगर दो-चार करोड़ रुपये देने की घोषणा कर देते तो कार्यक्रम और भी यादगार हो जाता। मंच पर मौजूद लोगों ने इसे हंसी-मजाक में लिया, लेकिन वीडियो के इंटरनेट पर आते ही अलग-अलग व्याख्याएं शुरू हो गईं।

वीडियो वायरल होने के बाद बहस छिड़ गई। एक पक्ष का कहना है कि यह सिर्फ मंचीय हास्य था, जैसा कि Kumar Vishwas अक्सर अपने कार्यक्रमों में करते हैं।

दूसरी तरफ कुछ लोग इसे राजनीतिक संकेत की तरह देख रहे हैं। उनका कहना है कि हाल के वर्षों में भाजपा नेताओं के साथ कुमार विश्वास की बढ़ती नजदीकियों के बावजूद उन्हें अभी तक कोई औपचारिक राजनीतिक भूमिका नहीं मिली है।

इसी वजह से कुछ लोग इस वीडियो को व्यंग्य के साथ-साथ हल्की खीझ के रूप में भी पढ़ रहे हैं।

राज्यसभा को लेकर क्यों उठ रहे हैं सवाल

राजनीतिक चर्चाओं में लंबे समय से यह अटकलें लगती रही हैं कि भाजपा किसी समय Kumar Vishwas को राज्यसभा भेज सकती है।

हालांकि अब तक ऐसा नहीं हुआ। इस पृष्ठभूमि में जब उनका यह वीडियो सामने आया, तो कुछ लोगों ने इसे उसी संदर्भ में जोड़ दिया। हालांकि खुद कुमार विश्वास ने इस पर कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं की है।

उनका मंचीय अंदाज हमेशा से चुटीला रहा है, जिसमें कविता, व्यंग्य और हल्की राजनीतिक चुभन अक्सर साथ दिखाई देती है।

वेतन वाली टिप्पणी ने भी खींचा ध्यान

वीडियो में उन्होंने एक और मजाकिया प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में डिप्टी सीएम अधिकारियों की सैलरी का जिक्र कर रहे थे, लेकिन जब उनकी सैलरी बताने की बारी आई तो बात वहीं रुक गई। इस पर उन्होंने मंच से कहा कि शायद उन्हें डर था कि आगे मैं भी बता दूंगा कि उनके पास कितना है।

यह टिप्पणी सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोग ठहाके लगाने लगे।

कविता, व्यंग्य और राजनीति का दिलचस्प संगम

भारत में साहित्य और राजनीति का रिश्ता हमेशा दिलचस्प रहा है। कई बार कवि नेताओं पर व्यंग्य करते हैं, तो कई बार नेता कविता के मंचों पर नजर आते हैं। Kumar Vishwas का यह वायरल वीडियो भी उसी परंपरा का एक नया उदाहरण बन गया है। मंच पर कहा गया एक मजाक सोशल मीडिया पर सियासी चर्चा बन गया।

अब यह सिर्फ वायरल वीडियो नहीं रहा बल्कि राजनीति और व्यंग्य के उस पुराने रिश्ते की याद दिला रहा है जहां एक पंक्ति कई अर्थों में सुनी जाती है।

“7 घंटे हवा में… फिर ‘U-Turn’! लौट आई दिल्ली-मैनचेस्टर फ्लाइट”

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