
कभी शादी को दो आत्माओं का मिलन कहा जाता था। लेकिन महाराष्ट्र के बीड में शादी को सीधे-सीधे सौदे में बदल दिया गया। यहां 21 साल की एक महिला को महज 30 दिनों में तीन अलग-अलग लोगों को बेच दिया गया। हर बार मंडप सजा, फेरे हुए और पैसे का लेन-देन हुआ। इंसानियत की इस नीलामी ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।
एक बेटी की ज़िंदगी को सौदे में बदल दिया गया
मामला Beed जिले के आष्टी तालुका का है। यहां एक 21 साल की महिला को शादी के नाम पर लगातार तीन बार अलग-अलग लोगों को बेचा गया। हर बार रकम लाखों में तय हुई और हर दस दिन में उसका “पति” बदल दिया गया।
आखिरकार यह सिलसिला इतना क्रूर हो गया कि पीड़िता मानसिक रूप से टूट गई।
बेहतर जीवन के सपने दिखाकर जाल में फंसाया गया
पीड़िता मूल रूप से Latur की रहने वाली है। दो साल पहले उसकी पहली शादी हुई थी, लेकिन पति के बुरे व्यवहार के कारण वह मायके में रह रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात एक महिला एजेंट महानंदा से हुई। महानंदा ने उसे बेहतर जिंदगी और नई शादी का सपना दिखाया और अपने जाल में फंसा लिया।
हर दस दिन में बदला ‘पति’, हर बार हुई पैसों की डील
एजेंट उसे Pune ले गई। वहां अमर कालभोर नाम के व्यक्ति से करीब 5 लाख रुपये लेकर उसकी जबरन शादी करा दी गई। लेकिन यह शादी भी सिर्फ एक सौदा निकली। महज दस दिन बाद उसे वहां से निकालकर करीब साढ़े चार लाख रुपये में दूसरे व्यक्ति को बेच दिया गया।
तीसरी बार भी वही खेल
मानो इंसान नहीं, कोई सामान हो जिसे खरीदा-बेचा जा सकता है। 4 मार्च 2026 को उसकी तीसरी बार शादी कराई गई और फिर से लाखों रुपये वसूले गए। हर बार वही स्क्रिप्ट दोहराई गई: शादी, पैसा और फिर अगला सौदा।
बार-बार बिकने का अपमान सह न सकी युवती
दो दिन बाद आरोपियों ने उसे फोन कर बताया कि अगली शादी की तैयारी रखे। यानी चौथी बार भी वही सौदा होने वाला था। इस खबर ने उसे पूरी तरह तोड़ दिया। खुद को बार-बार बिकती हुई वस्तु की तरह देखना उसके लिए असहनीय हो गया। अंततः उसने जहर खाकर अपनी जान देने की कोशिश की।

जहर पीकर खत्म करना चाही अपनी पीड़ा
गंभीर हालत में उसे मिरजगांव के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। यह घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश है और लोगों ने इसे मानवता पर कलंक बताया है।
मानव तस्करी के शक में पुलिस ने कसा शिकंजा
आष्टी पुलिस ने मुख्य आरोपी महानंदा, उसके पति और दो अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक यह एक संगठित मानव तस्करी गिरोह हो सकता है जो भोली-भाली महिलाओं को शादी के नाम पर बेचकर मोटी रकम कमाता है।
जांच अधिकारी Sharad Gyanadev Bhutekar की टीम इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
समाज के सामने खड़ा हुआ बड़ा सवाल
यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं है, बल्कि उस सामाजिक सच्चाई का आईना भी है जहां कुछ लोग शादी जैसी पवित्र संस्था को भी बाजार में बेचने से नहीं हिचकते।
यह घटना एक कड़ा सवाल छोड़ती है: क्या समाज सचमुच महिलाओं को सुरक्षा देने में सक्षम है, या अभी भी कई जिंदगियां सौदों में फंसकर दम तोड़ रही हैं?
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