
बिहार के बक्सर में एक शादी का मंच, जहां फूल बरसने थे, वहां बारूद की गंध फैल गई। मंगलवार रात करीब 11 बजे चौसा के मल्लाह टोली में जयमाला की रस्म चल रही थी। कैमरे चमक रहे थे, मेहमान ताली बजा रहे थे, और उसी बीच एक युवक स्टेज पर चढ़ा। कुछ सेकंड बाद दुल्हन आरती कुमारी के पेट में गोली थी, और शादी का संगीत सन्नाटे में बदल चुका था।
एकतरफा मोहब्बत या विकृत जुनून?
पुलिस के मुताबिक आरोपी दीनबन्धु स्थानीय निवासी है और दुल्हन से एकतरफा प्रेम करता था। प्रेम जब अधिकार में बदल जाए, तो वह भावना नहीं, खतरनाक भ्रम बन जाता है। गोली चलाने के बाद आरोपी फरार हो गया। पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और उसके माता-पिता को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
यह घटना फिर वही सवाल खड़ा करती है कि क्या अस्वीकार को स्वीकार करने की मानसिक तैयारी हमारे समाज में सिखाई ही नहीं जाती?
अस्पताल से ट्रॉमा सेंटर तक
घायल दुल्हन को तुरंत बक्सर सदर अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए उसे वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। परिवार जहां बेटी की विदाई की तैयारी कर रहा था, वहां अब ICU के बाहर प्रार्थना की कतार लगी है।
NCRB रिपोर्ट और बिहार की तस्वीर
NCRB के 2023 के आंकड़ों के मुताबिक देशभर में 27,721 हत्या के मामले दर्ज हुए। इन आंकड़ों में बिहार दूसरे स्थान पर है। यह सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, यह सामाजिक असंतुलन की धड़कती हुई चेतावनी है।

शादी का मंच जब अपराध स्थल बन जाए, तो यह सिर्फ कानून व्यवस्था का मुद्दा नहीं रहता, यह सामाजिक चेतना की परीक्षा बन जाता है।
हम प्रेम कहानियों को फिल्मों में तालियां देते हैं, पर अस्वीकृति को गरिमा से स्वीकार करने की शिक्षा कहां है? एकतरफा प्रेम का रोमांटिक मिथक, जब वास्तविकता में उतरता है, तो अक्सर त्रासदी लिखता है।
जंगल गया किसके भरोसे- साखू की अवैध कटान का खेल?
