
T20 World Cup 2026 में बांग्लादेश क्रिकेट टीम बाहर हो गई है, और उनकी जगह अब स्कॉटलैंड टीम इस ICC इवेंट में हिस्सा लेगी। इस फैसले से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) नाखुश है और टी20 वर्ल्ड कप 2026 से नाम वापस लेने की चेतावनी दे दी है। हालांकि, ऐसा करने पर बोर्ड को गंभीर प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है, जो उनकी क्रिकेट गतिविधियों के लिए वास्तव में बर्बादी साबित हो सकते हैं।
क्या हो सकते हैं प्रतिबंध?
अगर पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप से हटता है, तो ICC उनके खिलाफ तीन बड़े कदम उठा सकता है-
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इंटरनेशनल सीरीज प्रतिबंध – पाकिस्तान किसी भी अन्य टीम के साथ अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेल पाएगा।
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एशिया कप और ICC इवेंट से बाहर – ICC उन्हें किसी भी मुख्य टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं देगा।
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PSL पर प्रतिबंध – पाकिस्तान सुपर लीग में विदेशी खिलाड़ियों को खेलने की अनुमति नहीं मिलेगी, क्योंकि एनओसी नहीं जारी होगी।
इन प्रतिबंधों का मतलब साफ है: PCB केवल घरेलू क्रिकेट तक सीमित रह जाएगा, और बिना वित्तीय सपोर्ट के यह भी बंद होने की संभावना है।

बोर्ड और सरकार के बीच राजनीति
PCB के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “अगर पाकिस्तान सरकार कहती है कि वर्ल्ड कप नहीं खेलना है, तो ICC 22वीं टीम ला सकती है। यह फैसला पाकिस्तानी सरकार पर निर्भर करेगा।”
उनके अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जब विदेश से लौटेंगे, तभी यह स्पष्ट होगा कि टीम विश्व कप में खेलेगी या नहीं।
International Cricket Community की नजर
ICC ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी बोर्ड की हड़बड़ी या राजनीतिक फैसलों की वजह से इंटरनेशनल क्रिकेट में व्यवधान नहीं सहेंगे। ऐसे में PCB की हर कार्रवाई पर विश्व क्रिकेट की नजरें टिकी हुई हैं।
क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह पूरी कहानी किसी ड्रामा सीरीज से कम नहीं है—टीम बाहर, बोर्ड डर में, और सरकार निर्णय लेने में धीमी।
PSL में विदेशी खिलाड़ी नहीं खेलेंगे, और बोर्ड के पास केवल domestic cricket बचेगा। मतलब, PCB की “क्रिकेट महाशक्ति” वाली छवि अब सिर्फ़ यादों में बची रह जाएगी।
आगे क्या होगा?
अब सवाल यह है कि PCB अपने बयान से पलटेगा या ICC के दबाव में आएगा। वर्ल्ड कप की राह में ये राजनीतिक और प्रशासनिक जद्दोजहद पाकिस्तान क्रिकेट के भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।
