
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने SIR (Special Intensive Revision) के मुद्दे पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इसे सीधे तौर पर “NRC जैसा कदम” बताते हुए इसे विपक्ष के खिलाफ बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया।
अखिलेश यादव ने मांग की कि Aadhaar Metal Card बनाकर ही वोटर आईडी से लिंक किया जाए, ताकि फर्जीवाड़े की आशंका न रहे।
‘जो काम गृह विभाग का था, वो चुनाव आयोग से कराया जा रहा’
सपा प्रमुख ने कहा— “नागरिकता देखने का काम चुनाव आयोग का नहीं है। जो काम Home Department का था, वह Election Commission से कराया जा रहा है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया में जो एजेंसियां काम कर रही हैं, वे BJP के लिए काम कर रही एजेंसियां हैं।
‘4 करोड़ लोगों को नोटिस!’—सबसे बड़ा सवाल
अखिलेश यादव ने दावा किया कि करीब 4 करोड़ लोगों को SIR के तहत नोटिस भेजे जा सकते हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, “अगर BJP को घुसपैठियों की इतनी चिंता है, तो सूची दे—कितने मिले?”
FIR से कोर्ट तक जाएगी लड़ाई
सपा प्रमुख ने साफ किया कि पार्टी चुप नहीं बैठेगी, PDA प्रहरी और BLA को सक्रिय किया जाएगा, धांधली पर FIR दर्ज कराई जाएगी, जरूरत पड़ी तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डुप्लीकेट वोटर बनाने की कोशिश की जा रही है।
‘यह विपक्ष को कमजोर करने की साजिश’
अखिलेश यादव ने कहा— “यह विपक्ष के साथ किया जा रहा एक बड़ा षड्यंत्र है।”
उन्होंने असम का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि वहां जिन लोगों को रखा गया था, उनसे BJP से जुड़े लोग किराया वसूल रहे थे।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी निशाना
राजनीतिक बयान के साथ-साथ अखिलेश यादव ने KGMU और PGI में बेहतर इलाज की जरूरत बताई, कहा कि सरकारी अस्पतालों में सही इलाज न मिलने से लोग प्राइवेट अस्पतालों में जाने को मजबूर हैं।
चुनावी आंकड़ों पर सवाल
सपा प्रमुख ने यह भी दावा किया कि राज्य निर्वाचन आयोग और भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़े आपस में मेल नहीं खा रहे, जो पूरी प्रक्रिया को संदेह के घेरे में लाता है।
फोन नहीं उठा तो 50% टैरिफ? अमेरिका के दावे पर भारत ने कहा—यह झूठ है
