
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 से 12 जनवरी तक गुजरात के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। यह दौरा केवल एक राज्य यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक विकास और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का एक साथ प्रदर्शन होगा।
दौरे की शुरुआत सोमनाथ मंदिर से और समापन जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठकों के साथ होगा।
10 जनवरी: सोमनाथ से शुरुआत, स्वाभिमान को नई ऊर्जा
10 जनवरी की शाम प्रधानमंत्री ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर पहुंचेंगे। यहां वे सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें मंदिर के हजारों वर्ष पुराने इतिहास चल रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों की गहन समीक्षा की जाएगी।
इसी के साथ ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-2026’ को नई दिशा मिलेगी। यह पर्व सोमनाथ पर पहले आक्रमण के 1000 वर्ष और पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मनाया जा रहा है।
11 जनवरी: पूजा, शौर्य यात्रा और विशाल जनसभा
11 जनवरी की सुबह प्रधानमंत्री प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ में विशेष पूजा-अर्चना। सरदार संकल्प स्थल पर सरदार वल्लभभाई पटेल को पुष्पांजलि इसके बाद आयोजित होगी भव्य ‘सोमनाथ स्वाभिमान शौर्य यात्रा’— करीब 1 किलोमीटर लंबी यात्रा, जिसमें 108 घोड़े शामिल होंगे।
यह यात्रा भारत की शौर्य परंपरा और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक होगी। प्रधानमंत्री स्वयं इस यात्रा का नेतृत्व करेंगे और बाद में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे।
Vibrant Gujarat Regional Summit: कच्छ-सौराष्ट्र पर फोकस
11 जनवरी को ही दोपहर में प्रधानमंत्री राजकोट पहुंचेंगे, जहां वे वाइब्रेंट गुजरात रीजनल समिट का उद्घाटन करेंगे।
स्थान: मारवाड़ी विश्वविद्यालय
तारीख: 11–12 जनवरी
भागीदारी: 22 देशों के प्रतिनिधिमंडल
समिट का मकसद— कच्छ और सौराष्ट्र में निवेश, उद्योग, व्यापार और सांस्कृतिक अवसरों को वैश्विक मंच पर पेश करना।
राज्यभर में शिव आराधना का माहौल
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत 8 से 10 जनवरी: गुजरात के 243 शिव मंदिरों में 72 घंटे की अखंड शिव धुन। 1000+ शिव मंदिरों में एक दिवसीय शिव आराधना।
इन कार्यक्रमों में मंत्री, सांसद, विधायक और BJP नेता भाग ले रहे हैं। पूरे राज्य में माहौल—श्रद्धा + राजनीति + संस्कृति का संगम।

12 जनवरी: जर्मनी के चांसलर के साथ हाई-लेवल डिप्लोमेसी
12 जनवरी की सुबह प्रधानमंत्री अहमदाबाद में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ का औपचारिक स्वागत करेंगे।
दोनों नेता साबरमती आश्रम जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि। साबरमती रिवरफ्रंट पर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव और फ्लावर शो का उद्घाटन।
इसके बाद PM मोदी और जर्मन चांसलर अहमदाबाद से गांधीनगर मेट्रो यात्रा करेंगे— जिससे नए मेट्रो रूट का आधिकारिक शुभारंभ होगा।
गांधीनगर में द्विपक्षीय बैठक
स्थान: महात्मा मंदिर, गांधीनगर यहां भारत-जर्मनी के बीच व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी, रणनीतिक सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी।
दोपहर बाद प्रधानमंत्री अहमदाबाद से रवाना हो जाएंगे।
आस्था से FDI तक, सब एक ही ट्रिप में
गुजरात में ये दौरा कुछ यूं है— सुबह शिव भक्ति, दोपहर इंवेस्टमेंट मीट, शाम इंटरनेशनल डिप्लोमेसी।
राजनीति हो तो ऐसी— जहां आरती और FDI एक ही एजेंडा में हों।
कुत्तों का दिमाग पढ़ना संभव नहीं है कि वे कब काटेंगे- सुप्रीम संदेश
