जिस अमेरिका ने गुलामी तोड़ी, वही आज जंजीरें पहनाने लगा?

आशीष शर्मा (ऋषि भारद्वाज)
आशीष शर्मा (ऋषि भारद्वाज)

जब अब्राहम लिंकन ने कहा था, “Government of the people, by the people, for the people”,
तो वह सिर्फ एक भाषण नहीं था, वह दुनिया के लिए एक नैतिक वादा था।
एक ऐसा अमेरिका, जो ताकत से नहीं बल्कि मूल्यों (values) से पहचाना जाए।

लेकिन 2026 का अमेरिका देखकर सवाल उठता है — क्या लिंकन का सपना आज भी ज़िंदा है, या वह सिर्फ इतिहास की किताबों तक सीमित रह गया है?

लिंकन का अमेरिका: Moral Power, Not Military Power

अब्राहम लिंकन के अमेरिका की आत्मा में तीन चीज़ें थीं:

  1. Freedom without fear
  2. Equality without condition
  3. Democracy without dominance

लिंकन का मानना था कि अगर अमेरिका को महान बनना है, तो उसे पहले न्यायपूर्ण बनना होगा। उनके लिए आज़ादी किसी देश को “कंट्रोल” करने का हथियार नहीं, बल्कि इंसान को “इज़्ज़त” देने का माध्यम थी।

आज का अमेरिका: Democracy या Delivery System of Missiles?

आज अमेरिका दुनिया को जो संदेश दे रहा है, वह थोड़ा confusing है। एक तरफ वह लोकतंत्र का शिक्षक बनता है, दूसरी तरफ ड्रोन और एयरस्ट्राइक से “लेसन” देता है।

आज का पैटर्न लगभग predictable हो चुका है, पहले Human Rights की चिंता, फिर Sanctions, और अंत में “Operation for Peace” — जिसमें शांति सबसे पहले मरती है।

यह वही अमेरिका है जो कहता है- “We respect sovereignty” लेकिन सीमाएं वही तय करता है।

आज Freedom एक global brand बन चुकी है — “Made in USA, Exported with Military Support.”

अगर आप America के साथ हैं, तो आप लोकतांत्रिक हैं। अगर नहीं हैं, तो आप तानाशाह, खतरा या अगला टारगेट।

अब्राहम लिंकन शायद यह देखकर हैरान होते कि आज आजादी को भी इंस्टॉल करने के लिए सेना चाहिए।

तेल, खनिज और लिंकन की आत्मा

लिंकन ने कभी नहीं कहा था कि जहां Oil हो, वहीं Democracy होनी चाहिए।

लेकिन आज का अमेरिका Oil को National Interest कहता है। Minerals को Strategic Security और विरोध को Global Threat

यही वजह है कि आज युद्ध “ideology” के लिए नहीं, resource mapping के लिए लड़े जा रहे हैं।

क्या लिंकन का सपना मरा नहीं, बल्कि बदल दिया गया?

शायद लिंकन का सपना मरा नहीं है, बल्कि उसे नए शब्दों में repackage कर दिया गया है।

अब Democracy का मतलब Stable सरकार नहीं बल्कि Friendly सरकार है। अब Freedom का मतलब लोगों की इच्छा नहीं बल्कि Power Alignment है।

यह बदलाव धीरे-धीरे हुआ, इसलिए खतरनाक है।

दुनिया का बदला हुआ नजरिया: Hope से Fear तक

एक वक्त था जब अमेरिका का मतलब था:

  • Opportunity
  • Innovation
  • Inspiration

आज कई देशों के लिए अमेरिका का मतलब है:

  • Intervention
  • Pressure
  • Uncertainty

Respect की जगह अब Reaction ने ले ली है।

लिंकन पूछते तो क्या जवाब होता?

अगर अब्राहम लिंकन आज होते और सवाल पूछते “Is this what my sacrifice was for?”

तो शायद अमेरिका के पास जवाब होता —लेकिन साफ़ जवाब नहीं

क्योंकि लिंकन का अमेरिका इंसान को आज़ाद करना चाहता था, और आज का अमेरिका अक्सर देशों को manageable बनाना चाहता है।

यही फर्क है —और यही सबसे बड़ा सवाल भी।

नया साल, वही तेवर: Army Chief बोले– Operation Sindoor अभी खत्म नहीं हुआ!

Related posts

Leave a Comment