
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर कुर्सी का तापमान बढ़ गया है। प्रदेश BJP अध्यक्ष पद के लिए छह बड़े चेहरे सुर्खियों में हैं। पार्टी हाईकमान ने लखनऊ में मैराथन बैठकें निपटा दी हैं—जहाँ पॉलिटिकल स्ट्रैटेजी से ज्यादा चाय की केतली ज़्यादा उबलती दिखी।
अंदरखाने सूत्र कहते हैं कि ब्राह्मण, OBC और दलित—तीनों कार्डों को टेबल पर रखा गया है। पार्टी चुनावी गणित को देखते हुए किसे राजा बनाएगी, यह अभी ‘कंफिडेंशियल फाइल’ मोड में है।
ब्राह्मण कार्ड: दिनेश शर्मा सबसे आगे?
राज्यसभा सांसद और पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा इस रेस में नंबर-1 पर माने जा रहे हैं। RSS कनेक्शन + PM का भरोसा + यूपी का पुराना अनुभव = ‘विनिंग कॉम्बिनेशन’। सियासी गलियारों में कहा जा रहा है—“अगर ब्राह्मण कार्ड खेलना है, तो शर्मा जी बेस्ट हैं।”
दूसरी ओर ब्राह्मण फ्रंट से हरीश द्विवेदी भी जोरदार दावेदारी में हैं। अनुभव, संगठन में पकड़ और शांत-स्वभाव वाले द्विवेदी का नाम भी हाईकमान ने फाइनल-लिस्ट में रखा है।
OBC कार्ड: धर्मपाल सिंह और बीएल वर्मा
OBC वोटबैंक को साधने के लिए धर्मपाल सिंह का नाम तेज़ी से उछल रहा है। लोध समुदाय से आने वाले धर्मपाल सिंह, योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं।
दूसरे OBC दावेदार, बीएल वर्मा, दिल्ली से लेकर लखनऊ तक प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव रखते हैं। BJP OBC वोटबैंक में सेंध नहीं लगने देना चाहती—इसलिए इनका नाम भी शीर्ष पर है।
दलित कार्ड: सोनकर और कठेरिया का दम
दलित चेहरे में दो नाम चर्चा में हैं—

रामशंकर कठेरिया
पूर्व केंद्रीय मंत्री, आगरा रीजन में गहरी पकड़।
विद्या सागर सोनकर
बूथ से संसद तक सफर करने वाले ग्राउंड-लेवल नेता।
भाजपा इन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाकर 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सोशल इंजीनियरिंग संदेश दे सकती है।
बैठकें, समीकरण और इंतज़ार…
बीएल संतोष, अरुण कुमार, सीएम योगी, दोनों डिप्टी सीएम—सभी बैठकों में मौजूद। कागज़ों में कई नाम—मगर फाइनल मुहर अभी बाकी!
इस महीने किसी भी दिन ‘बड़ी घोषणा’ हो सकती है। राजनीति में ये डेट फिक्स नहीं होती… बस ‘कभी भी’ मोड में रहती है।
रेस दिलचस्प, कुर्सी अभी भी अनक्लेम्ड!
BJP ब्राह्मण, OBC और दलित—तीनों समीकरण देखकर आगे बढ़ रही है। अब राजनीतिक गलियारे में सबसे बड़ा सवाल यही— “UP BJP का नया कप्तान कौन?”
“Bengal में SIR का बवाल! BLO सड़क पर—क्या होगा आगे?”
