रामपुर गढ़ौवा में संकुल शिक्षक बैठक आयोजित, शैक्षिक गुणवत्ता और नवाचारों पर हुआ मंथन

उत्कृष्ट शैक्षिक प्रथाओं, स्पेशल कैंपेन 6.0 और आगामी खेलकूद प्रतियोगिताओं की बनी रूपरेखा

उन्नाव। रामपुर गढ़ौवा न्याय पंचायत की संकुल शिक्षक बैठक प्राथमिक विद्यालय रामपुर गढ़ौवा में आयोजित हुई। बैठक में शिक्षक संकुल जनमेजय सिंह एवं ज्योति देवी की उपस्थिति में शैक्षिक गुणवत्ता संवर्धन, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और विद्यालयों में नवाचारों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा सहित न्याय पंचायत के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों ने सक्रिय प्रतिभाग किया।


बैठक में शिक्षक संकुल बैठक के निर्धारित एजेंडे के अनुसार प्रमुख बिंदुओं पर विचार-विमर्श हुआ। शिक्षकों ने अपने विद्यालयों में अपनाई जा रही उत्कृष्ट शैक्षिक प्रथाओं, गतिविधि आधारित शिक्षण, परियोजना आधारित अधिगम, बच्चों में तार्किक चिंतन एवं समस्या समाधान क्षमता विकसित करने के प्रयासों और सफलता की कहानियों को साझा किया। विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, सामुदायिक सहभागिता, रीडिंग कैंपेन, कैच-अप रणनीति तथा डिजिटल संसाधनों के उपयोग पर भी चर्चा हुई।
युडाइश प्लस पोर्टल पर विद्यालय, विद्यार्थी एवं शिक्षक प्रोफाइल के शुद्ध और प्रमाणिक डेटा अपडेट करने की आवश्यकता बताई गई। स्पेशल कैंपेन 6.0 के अंतर्गत चार-बिन प्रणाली, गीले-सूखे कचरे के पृथक्करण, स्वच्छता तथा विशेष देखभाल योग्य अपशिष्ट के उचित निस्तारण की जानकारी दी गई। ई-वेस्ट के सुरक्षित संकलन, पुनः उपयोग और उपयोगी शैक्षिक नवाचारों में इसके प्रयोग की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।


आगामी न्याय पंचायत स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर रूपरेखा तैयार की गई। साथ ही विद्यार्थियों की प्रतिभा पहचानने, बालिका सहभागिता बढ़ाने और विद्यालयों में प्रभावी शैक्षिक गतिविधियों के संचालन पर बल दिया गया।


बैठक में शिक्षक प्रदीप कुमार वर्मा, ज्योति देवी, आरती सिंह, लक्ष्मी यादव ,विद्यासागर मिश्रा, रेखा यादव, इम्तियाज हुसैन, साधना सोनी, सौरभ श्रीवास्तव, संदीप पटेल, सचिन कटियार, ज्योति सिंह, कृपा मौर्या, प्रीति चक, कौशल किशोर, आरती सिंह, उमेश कनौजिया, अजय गंगवार, अशोक यादव, विशाल, अर्चना यादव, नागेंद्र, राकेश कुमार सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य विद्यालयों में बेहतर शिक्षण वातावरण विकसित करने तथा साझा अनुभवों के माध्यम से बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार लाना रहा।

Related posts