
उत्तर प्रदेश पुलिस में हालिया भर्ती की गई महिला रिक्रूट्स ने जब आवाज़ उठाई, तो PAC की 26वीं वाहिनी, गोरखपुर चर्चा का केंद्र बन गई। शिकायतें आईं – पानी नहीं आ रहा, कैमरा बाथरूम में है और PTI साहब कुछ ज़्यादा ही ‘गुरु’ बने हुए हैं।
ADG PAC ने लिया त्वरित संज्ञान
जैसे ही मामला सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा, अपर पुलिस महानिदेशक (PAC) ने खुद सामने आकर मोर्चा संभाला। उन्होंने साफ किया कि कैमरे वाली बात पूरी तरह से बेबुनियाद है। हां, पानी की सप्लाई थोड़ी देर के लिए बाधित हुई थी – लेकिन तकनीकी वजह से। अब सब ठीक है।
बदज़ुबान PTI हुआ सस्पेंड
जिस PTI पर अभद्र भाषा के आरोप लगे, उसे विभाग ने बिना देर किए सस्पेंड कर दिया। इस मामले में सरकार ने साफ कर दिया है – महिला पुलिसकर्मियों की गरिमा और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाओगे तो होगी कार्रवाई
ADG PAC ने ‘X’ (पूर्व में Twitter) पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि पुलिस विभाग महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और प्रोफेशनल माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही चेतावनी भी दी – सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
योगी सरकार की ‘रिकॉर्ड तोड़’ महिला पुलिस भर्ती
2017 से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में केवल 10,000 महिला आरक्षी थीं। लेकिन योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में यह संख्या बढ़कर 40,000 हो गई। हाल की भर्ती में शामिल 12,000 से अधिक महिलाएं इस बदलाव की प्रतीक हैं।

टेंट से हटकर पक्के बैरक में
पहले जहां पुलिस रिक्रूट्स को तंबू में रहना पड़ता था, अब उन्हें पक्के भवनों में जरूरी सुविधाओं के साथ रहने का मौका मिल रहा है। यह बदलाव न केवल बुनियादी सुविधाओं का संकेत है, बल्कि एक मानसिक क्रांति भी है।
जब टेक्निकल फॉल्ट पानी की सप्लाई रोक दे और अफवाहें बाथरूम में कैमरे लगा दें – तो समझिए भारत में पुलिस भर्ती हो रही है! PTI गुरु जी की ज़ुबान फिसल गई और विभाग ने फिसलन रोक दी। ADG साहब ने X पर जो लिखा, वो बस इतना कह रहा था – “अफवाहें फैलाओगे तो खाकी की सखी से टकराओगे।”
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