
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए भारतीय जनता पार्टी ने भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या से औपचारिक चुनावी शंखनाद कर दिया है। भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अयोध्या जिले की सीमा पर जनसभा को संबोधित करते हुए साफ संदेश दिया— “2027 में फिर भाजपा की सरकार, और वह भी पूर्ण बहुमत से।”
Ayodhya से Emotional Connect, Politics से Perfect Timing
सभा को संबोधित करते हुए पंकज चौधरी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “मुझ जैसे छोटे कार्यकर्ता को देश के सबसे बड़े प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए मैं केंद्रीय नेतृत्व का हृदय से आभारी हूं।”
उन्होंने जनता के स्नेह को “कर्ज” बताते हुए संकल्प लिया कि 2027 के चुनाव में इस कर्ज को फिर से भाजपा सरकार बनाकर चुकाया जाएगा।
Modi–Yogi Model पर भरोसा, विपक्ष पर सीधा वार
पंकज चौधरी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि “भाजपा कार्यकर्ताओं को कोई गुमराह नहीं कर सकता।”
उनका दावा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक कार्य और संगठन की ताकत के दम पर 2027 में पूर्ण बहुमत की सरकार दोबारा बनेगी।
जहाँ विपक्ष अभी ‘मुद्दे ढूंढ रहा है’, भाजपा ‘मैदान’ तैयार कर चुकी है।
Awadh Mission: 14 जिले, 86 सीटें, फुल प्लानिंग
दरअसल, पंकज चौधरी का यह अयोध्या दौरा पूरी तरह रणनीतिक माना जा रहा है। भाजपा की इस महा बैठक में अवध प्रांत के 14 जिलों, 86 विधानसभा सीटों पर गहन मंथन किया जाएगा।
कार्यकर्ताओं को booth-level strategy, संगठनात्मक मजबूती और winning tips भी दिए जाएंगे।
Ram Mandir के बाद Ayodhya = Political Power Symbol
राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या अब सिर्फ धार्मिक केंद्र नहीं, बल्कि भाजपा के लिए political powerhouse बन चुकी है। अयोध्या से चुनावी बिगुल फूंकना भाजपा की सोची-समझी symbolism-driven strategy मानी जा रही है।
Coordination, Booth, Roadmap
इस बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल हैं संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय। बूथ स्तर तक तैयारी। 2027 के लिए स्पष्ट चुनावी रोडमैप।
यानी साफ है — “चुनाव पास नहीं, तैयारी पहले।”
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