देश की सीमाएं होंगी और अधिक अभेद्य, कल त्रिपुरा पहुंचेंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, 15 दिनों में तीसरा सीमा दौरा

नई दिल्ली: देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने तथा सीमा पर तैनात जवानों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 5 जून को त्रिपुरा के लंकामुरा बॉर्डर आउट पोस्ट का दौरा करेंगे। पिछले 15 दिनों के भीतर यह उनका तीसरा सीमा दौरा होगा, जिससे सीमा सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार की सक्रियता एक बार फिर तेज होती दिख रही है।

इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह राजस्थान के सांचू और गुजरात के भुज स्थित सीमा क्षेत्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर चुके हैं। अब त्रिपुरा दौरा पूर्वोत्तर क्षेत्र में सीमा सुरक्षा को लेकर सरकार की प्राथमिकता और रणनीतिक फोकस को स्पष्ट करता है।

सीमा पर जवानों से सीधा संवाद, हाई-टी में होंगे शामिल

दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री सीमा सुरक्षा बल के जवानों से सीधे संवाद करेंगे और उनके साथ हाई-टी कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। इस दौरान वे सीमा पर तैनात जवानों की कार्य स्थितियों, चुनौतियों और आवश्यकताओं की जानकारी लेंगे। माना जा रहा है कि यह संवाद जवानों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ सरकार की प्रतिबद्धता का भी संदेश देगा।

सुरक्षा ढांचे को मजबूती देने के लिए ई-शिलान्यास

गृह मंत्री अमित शाह इस अवसर पर सीमा सुरक्षा बल के आवासीय परिसर, जवानों के क्वार्टर, गार्ड परिसर तथा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के आरआरसी भवन का ई-शिलान्यास भी करेंगे। इन परियोजनाओं से सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा ढांचे और बुनियादी सुविधाओं को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण कार्यक्रम

5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गृह मंत्री लंकामुरा सीमा चौकी परिसर में वृक्षारोपण भी करेंगे। यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाएगा।

उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में होगी सीमा सुरक्षा की विस्तृत समीक्षा

त्रिपुरा दौरे के दौरान अमित शाह राज्य सरकार, केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और सीमा सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी करेंगे। बैठक में भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था, अवैध घुसपैठ की रोकथाम और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।

तकनीक आधारित निगरानी को मिलेगा बढ़ावा

सूत्रों के अनुसार, यह दौरा भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। सरकार ड्रोन, सेंसर, स्मार्ट फेंसिंग और डिजिटल सर्विलांस जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग को लगातार बढ़ावा दे रही है, ताकि घुसपैठ और तस्करी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

पूर्वोत्तर और सीमा क्षेत्रों के विकास पर केंद्र का फोकस

केंद्रीय गृह मंत्री के लगातार सीमा दौरे इस बात का संकेत हैं कि केंद्र सरकार सीमा सुरक्षा के साथ-साथ पूर्वोत्तर राज्यों के विकास और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। त्रिपुरा दौरा न केवल सीमा सुरक्षा तंत्र को मजबूती देगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास और सुरक्षा के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

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