महोबा के एक शांत रिहायशी इलाके में 65 साल की एक पैरालिसिस से पीड़ित महिला बिस्तर तक सीमित थीं। चल नहीं सकती थीं, उठ नहीं सकती थीं मतलब खुद की रक्षा तो बिल्कुल नहीं कर सकती थीं। देखभाल के लिए घर में एक नौकरानी रखी गई थी। भरोसे की नौकरी। लेकिन यही भरोसा सबसे बड़ा हथियार बन गया। घटना की रात पति घर से बाहर थे। लौटे तो देखा पत्नी खून से लथपथ, बेड पर निर्जीव पड़ी थीं। घर में सन्नाटा था, लेकिन दीवारें चीख रही थीं। एक टूटी चूड़ी… और…
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