“अखंड भारत” — सुनते ही जैसे वीर रस में डूबे टीवी डिबेट्स, सोशल मीडिया पोस्ट और WhatsApp यूनिवर्स की जयजयकार शुरू हो जाती है। पर जरा सोचिए, अगर ये सपना सच्चाई बन जाए तो? “भाईसाहब, सपना देखने में GST नहीं लगता, पर अगर ये सपना रियलिटी में बदले, तो अफगानिस्तान से लेकर अंडमान तक सिरदर्द मुफ्त में मिलेगा।” South Asia का फुल पैकेज! “अखंड भारत” की थ्योरी के मुताबिक, इसमें शामिल होते: देश अनुमानित जनसंख्या (2025) भारत ~142 करोड़ पाकिस्तान ~25 करोड़ बांग्लादेश ~17 करोड़ नेपाल ~3 करोड़ श्रीलंका ~2.2…
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नेपाल को मिली नई दिशा, मगर रास्ता अभी भी ‘इंटरिम’ है
नेपाल की राजनीति एक बार फिर मोड़ पर खड़ी है। जेन-जी आंदोलन ने जहां सत्ता की नींव हिला दी, वहीं अब देश को चाहिए एक ऐसी सरकार जो इलेक्शन करवा सके, और फिर गायब हो जाए — मतलब, अंतरिम सरकार। और इस सरकार का चेहरा कौन होगा?सुशीला कार्की का नाम सबसे ऊपर उभर कर आया है। अब सवाल ये है कि – “Interim PM कौन बनाता है?” और जवाब है – Discord वाले युवा और लोकतंत्र की नई स्टाइल! जेन-जी: सड़कों से डिस्कॉर्ड तक, क्रांति अपग्रेड हो गई है पहले…
Read MoreSouth Asia में आंदोलन का Copy-Paste पैटर्न! कहीं कुछ गड़बड़ तो नहीं?
बीते कुछ महीनों में दक्षिण एशिया की राजनीति में हलचल कुछ ज़्यादा ही एक जैसी दिखने लगी है। श्रीलंका में प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के घर में आग, बांग्लादेश में छात्र संगठन सरकार से भिड़ जाते हैं, और अब नेपाल में जनक्रांति के नाम पर संसद और नेताओं के घर तक फूंक दिए जाते हैं। ये सब यूं ही नहीं हो रहा… जब तीन पड़ोसी देशों में एक ही पैटर्न दिखने लगे — आर्थिक संकट ➜ युवाओं का गुस्सा ➜ सोशल मीडिया पर आग ➜ सत्ता पलटने की मांग, तो सवाल उठता…
Read Moreनेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश में बवाल के बाद भारत को सतर्क रहना चाहिए?
हाल के दिनों में श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल — ये तीनों पड़ोसी देश किसी न किसी रूप में राजनीतिक उथल-पुथल से गुज़र रहे हैं।लोग सड़कों पर हैं, सत्ता डगमगाई हुई है, और जनआंदोलन तेज़ी से डिजिटल स्पेस से निकलकर जमीन पर आ चुका है। अब सवाल ये उठता है:“Should India be worried?” श्रीलंका: आर्थिक संकट से लेकर सत्ता पलट तक श्रीलंका में आर्थिक संकट इतना गंभीर हो गया कि जनता ने राष्ट्रपति आवास तक पर कब्ज़ा कर लिया। Fuel, दवाएं और खाने-पीने की चीजें खत्म हो चुकी थीं। Black market…
Read More“Delhi से Dhaka तक बवाल: अवामी लीग के ऑफ़िस पर बांग्लादेश भड़का!”
भारत की राजधानी दिल्ली और कोलकाता में बांग्लादेश की प्रतिबंधित राजनीतिक पार्टी ‘अवामी लीग’ के कथित दफ्तरों की खबरों ने बांग्लादेश सरकार को झकझोर दिया है।बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने इसे दो देशों के पुराने रिश्तों के लिए खतरनाक बताया है। “अवामी लीग की गतिविधियां भारत-बांग्लादेश की दोस्ती और सहयोग को सीधा नुकसान पहुंचा सकती हैं।” — बांग्लादेश विदेश मंत्रालय बांग्लादेश की चिंता क्या है? बांग्लादेश ने साफ शब्दों में कहा है: प्रतिबंधित दल अवामी लीग का भारत में दफ्तर खुलना स्वीकार्य नहीं। भारतीय धरती पर बैठकर कोई बांग्लादेश विरोधी…
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