जूते की धमकी, दौड़ की सजा और फिर क्लीन चिट! मामला क्यों उबाल पर है?

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से आई एक खबर ने शासन-प्रशासन के दावों और ज़मीनी हकीकत के बीच की खाई को फिर उजागर कर दिया है। महसी तहसील में तैनात एक होमगार्ड द्वारा लगाए गए आरोप सिर्फ प्रशासनिक अनुशासन का सवाल नहीं, बल्कि मानवीय गरिमा से जुड़ा मामला बन गए हैं। सरकार एक ओर “संवेदनशील प्रशासन” की बात करती है, दूसरी ओर यह प्रकरण सिस्टम पर असहज सवाल खड़े कर रहा है। होमगार्ड की आपबीती: “सम्मान कुचला गया” महसी तहसील में तैनात होमगार्ड रमाकांत मिश्रा ने SDM आलोक प्रसाद के…

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