‘रावण बुराई का प्रतीक, लेकिन हमारी रोजी-रोटी का सहारा’, पुतला बनाने वाले की बात सुन भावुक हुए लोग

कानपुर: दशहरे पर रावण दहन की परंपरा सदियों से चली आ रही है। हर साल लोग बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाते हैं और रावण के पुतले को जलते हुए देखते हैं। लेकिन इस पुतले को तैयार करने वाले कारीगरों की मेहनत और भावनाओं पर कम ही लोगों का ध्यान जाता है। कानपुर में 110 फीट ऊंचा रावण का पुतला बना रहे एक कारीगर की बात इन दिनों इंटरनेट पर लोगों का दिल छू रही है। उसका कहना है कि रावण भले ही बुराई का प्रतीक हो, लेकिन…

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Ravan 2.0 जलाओ! – इस दशहरे समाज के असली राक्षसों को भी मारो

हर साल दशहरे पर हम राम-रावण की लड़ाई की याद में रावण दहन करते हैं। लेकिन अब सवाल ये है कि क्या केवल पुतला जलाने से बुराई खत्म हो जाती है?या फिर बुराई ने अब रूप बदल लिया है – Facebook Comments में नफरत बनकर, ऑफिस में भ्रष्टाचार बनकर, या हर गली में चुप्पी बनकर? आज के रावण कौन हैं? “पुराने रावण के दस सिर थे, आज के रावण के दस चेहरे हैं।” भ्रष्टाचार (Corruption) – जो सरकारी दफ्तरों से लेकर निजी कंपनियों तक फैल गया है। जातिवाद और धर्म…

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