संसद में ‘अहं ब्रह्मास्मि’ मोमेंट? बहस मुद्दों पर या मिज़ाज पर!

अनुराग शुक्ला लोकतांत्रिक परंपरा की याद एक वाकया 11 जून 2014 का है। नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज थी और ये मनमोहन सरकार की लोकसभा का आखिरी दिन था- सुषमा स्वराज ने भाषण दिया था – “ मैं बहुत प्यार से कह रही हूं मेरे भाई कमलनाथ अपनी शरारत से इस सदन को उलझा देते थे और आदरणीय शिंदे जी अपनी शराफत से उसे सुलझा देते हैं और इस शरारत और शराफत के बीच बैठी हुई सोनिया जी की मध्यस्थता आदरणीय प्रधानमंत्री जी की सौम्यता आपकी सहनशीलता और आडवानी जी की…

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संसद में ‘अनपब्लिश्ड बुक’! छपी नहीं, फिर भी चर्चा में नरवणे की किताब

पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब “Four Stars of Destiny” अचानक संसद परिसर में चर्चा का विषय बन गई। वजह—लोकसभा में इसकी कॉपी दिख जाना। इसके बाद राजनीति, प्रकाशन जगत और सुरक्षा एजेंसियों—तीनों में हलचल मच गई। संसद में लहराई किताब, बढ़ा विवाद विवाद तब तेज हुआ जब राहुल गांधी के हाथ में संसद परिसर में किताब की कॉपी नजर आई। लोकसभा में उन्होंने इसके कुछ अंशों का हवाला देने की कोशिश की, लेकिन यह कहकर रोक दिया गया कि किताब अब तक आधिकारिक तौर पर…

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