‘मेलोडी’ से लेकर ‘Parle-G’ तक: जानिए कैसे बना पारले भारत का सबसे बड़ा बिस्किट साम्राज्य, एक बंद फैक्ट्री से शुरू हुआ था सफर

नई दिल्ली: भारतीय घरेलू ब्रांड पारले का सफर सिर्फ एक कंपनी की कहानी नहीं, बल्कि देश के मध्यमवर्ग की बदलती जीवनशैली और आर्थिक उभार का प्रतीक माना जाता है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को ‘मेलोडी’ चॉकलेट गिफ्ट किए जाने के बाद यह ब्रांड एक बार फिर चर्चा में आ गया है, जिससे सोशल मीडिया पर इसके ऐतिहासिक सफर की यादें ताजा हो गई हैं। 1929 में मुंबई से हुई थी शुरुआत पारले की शुरुआत साल 1929 में मुंबई के विले पारले इलाके…

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