इस्लामिक क्रांति से पहले का सच और भारत-पाक युद्ध में ईरान की भूमिका

1950 में भारत और ईरान ने दोस्ती और शांति बनाए रखने के लिए एक ऐतिहासिक एग्रीमेंट साइन किया। नेहरू ने ईरान से रूस की सेना हटाने की मांग सराहा था, लेकिन सोवियत संघ के खिलाफ सीधे नहीं गए। मार्च 1947 में एशियाई संबंध सम्मेलन में ईरान ने भारत को आजादी की बधाई भी दी। उस समय की डिप्लोमेसी इतनी मीठी थी कि शाह खुद भरोसा दिलाते थे कि पाकिस्तान से उनकी दोस्ती भारत के लिए खतरा नहीं है। नेहरू का गुटनिरपेक्ष दृष्टिकोण और ईरान का पश्चिमी झुकाव नेहरू ने साफ…

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