नई दिल्ली: यूपीआई से भुगतान करने वाले कारोबारियों को हमेशा शून्य शुल्क की सुविधा देने का कोई स्थायी आश्वासन नहीं दिया गया था। केंद्र सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में यह दलील देते हुए 2,000 रुपये से अधिक के कुछ कारोबारी लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने की प्रस्तावित व्यवस्था का बचाव किया। सरकार ने स्पष्ट किया कि आम लोगों के बीच होने वाले भुगतान और 2,000 रुपये तक के अधिकांश कारोबारी लेनदेन पर शुल्क नहीं लगेगा। सरकार ने कहा- शून्य एमडीआर व्यवस्था स्थायी नहीं थी केंद्र सरकार…
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