यह कोई युद्ध का मैदान नहीं था… यह एक राहत मिशन था। लेकिन दावा है कि आसमान में उड़ान भरने से पहले ही इंसानियत को गोली मार दी गई। एक विमान—जिसमें गोलियां नहीं, दवाइयां थीं… सैनिक नहीं, उम्मीदें थीं… और उसी को निशाना बना दिया गया। अगर यह सच है, तो यह सिर्फ हमला नहीं—यह मानवता के चेहरे पर खुला तमाचा है। मशहद एयरपोर्ट: जहां राहत मिशन बना ‘वार जोन’ Mashhad International Airport पर जो हुआ, उसने दुनिया को हिला दिया। ईरान का दावा है कि ‘महान एयर’ का एक…
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