नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की समयसीमा को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। नौकरीपेशा लोगों से लेकर कारोबारियों और विलंबित रिटर्न दाखिल करने वालों तक, सभी श्रेणियों के करदाताओं के लिए अलग-अलग अंतिम तिथियां निर्धारित की गई हैं। समय पर रिटर्न दाखिल नहीं करने पर जुर्माना, ब्याज और कई कर लाभों से वंचित होने का जोखिम भी बढ़ जाता है। नौकरीपेशा और सामान्य करदाताओं के लिए 31 जुलाई सबसे अहम वेतनभोगी कर्मचारी, पेंशनभोगी, शेयर या संपत्ति की बिक्री से आय…
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