कहानी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी लगती है, लेकिन यह हकीकत है. Ghaziabad में पकड़ा गया एक ऐसा नेटवर्क, जो WhatsApp ग्रुप्स और मोबाइल सिम के पीछे छिपकर देश के 7 राज्यों में तबाही का ब्लूप्रिंट तैयार कर रहा था. चेहरे मासूम, उम्र नाबालिग… लेकिन इरादे इतने खतरनाक कि खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ जाए. ‘रेकी से ब्लास्ट तक’ – साजिश का पूरा रोडमैप पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई छोटा-मोटा गिरोह नहीं, बल्कि Inter-Services Intelligence से जुड़ा एक structured network था. पहला चरण:लोकेशन, फोटो और वीडियो भेजनादूसरा…
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