“राज्यसभा में उठा स्वरों का तूफ़ान: वंदे मातरम् सिर्फ गीत नहीं, ‘हीट’ भी!”

संसद के शीतकालीन सत्र में मंगलवार का दिन पूरी तरह वंदे मातरम् की गूंज से भरा रहा। राज्यसभा में विशेष चर्चा की शुरुआत करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कहा— “वंदे मातरम एक गीत नहीं, बल्कि आजादी, चेतना और मां भारती के प्रति समर्पण का शक्तिशाली मंत्र है।” उन्होंने कहा कि इसे किसी राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि यह भारत की पहचान और गौरव का हिस्सा है। “जिन्हें समझ नहीं आ रहा… वो अपनी समझ पर विचार करें”—शाह का तंज चर्चा पर सवाल उठाने वालों…

Read More

“वंदे मातरम् —शाह का तीर, खड़गे का जवाब और सदन में महाभारत!”

संसद का शीतकालीन सत्र इस बार ठंड से कम और राजनीति की गर्मी से ज़्यादा प्रभावित दिख रहा है। SIR, BLO की मौतों से लेकर Indigo crisis तक—हर मुद्दे पर हंगामा हो रहा है। और आज तो वंदे मातरम् ने सदन का बारometer ही बढ़ा दिया। Amit Shah का अटैक मोड: “वंदे मातरम् का विरोध कांग्रेस के DNA में” राज्यसभा में चर्चा शुरू करते ही गृह मंत्री अमित शाह ने सीधे इतिहास में छलांग लगा दी। उनका कहना था— “नेहरू जी ने वंदे मातरम् के दो टुकड़े कर दिए। तुष्टिकरण…

Read More

“Sidhu Comeback? पहले CM Face बनाओ, फिर देखो जादू!”

2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों की आहट अभी से सुनाई दे रही है, और इसी बीच नवजोत सिंह सिद्धू की राजनीति में वापसी का सवाल फिर सुर्खियों में है।राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात के बाद बाहर आते ही नवजोत कौर सिद्धू को मीडिया ने घेर लिया—और सवाल वही पुराना:“Sidhu ji कब राजनीति में एक्टिव होंगे?” “CM Face बना दो… तब Sidhu एक्टिव होंगे!” – नवजोत कौर की दोटूक नवजोत कौर ने बिना किसी घुमावदार जवाब के साफ कहा— “जब कांग्रेस नवजोत सिद्धू को CM फेस घोषित करेगी, तब वो…

Read More

“थरूर साहब— BJP से दूरी या बस शब्दों की Gymnastics?”

भारत की राजनीति जितनी जटिल है, उतनी ही दिलचस्प भी। और उसमें अगर नाम शशि थरूर का हो तो मसाला अपने आप बढ़ जाता है। हाल के दिनों में थरूर के कुछ बयान, कुछ तस्वीरें और कुछ “पॉलिटिकल बॉडी लैंग्वेज” ने यह सवाल गर्म कर दिया— क्या थरूर कांग्रेस से दूर जा रहे हैं? या बीजेपी धीरे-धीरे उनके करीब? थरूर: कांग्रेस में, मगर अपनी लय में थरूर की खासियत यह है कि वो कांग्रेस में रहते हुए भी अक्सर “कांग्रेस की आधिकारिक लाइन” से थोड़ा अलग सुर निकाल देते हैं।…

Read More

चापलूसों के लिए जब कांग्रेस ने अपने ही युवाओं को गलौटी कबाब बना डाला

सचिन से सिंधिया—सियासत की वो कहानियाँ जो चुभती भी हैं और हंसाती भी। कहा जाता है कि कांग्रेस कभी वफादारी का ईनाम देती थी। मगर आज की कांग्रेस में मामला उल्टा होता दिखता है—वफादार नेता मेनकोर्स में नहीं, बल्कि गलावटी कबाब बनकर बुजुर्ग नेताओं की थाली की शोभा बढ़ा रहे हैं। सचिन पायलट: मेहनत उन्हीं की, गलौटी कबाब किसी और की राजेश पायलट के सपूत, सचिन पायलट—राजस्थान का वो युवा चेहरा जिसने कांग्रेस की डूबती नैया को किनारे लगाया था। सबको लगा था कि मेहनत की कमाई उन्हें CM Chair…

Read More

2012 की तस्वीर से 2025 की राजनीति: बेइज्ज़त हो वफ़ा निभाते सचिन पायलट

साल 2012, कांग्रेस की ‘यंग ब्रिगेड’ की वो मशहूर तस्वीर — सचिन पायलट, ज्योतिरादित्य सिंधिया, मिलिंद देवड़ा, आरपीएन सिंह और जितिन प्रसाद।पांच चेहरे, पांच उम्मीदें… और पांचों को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कि ये ही कांग्रेस का भविष्य हैं। कहानी में ट्विस्ट?2025 में इन पाँच में से तीन बीजेपी के ऑफिस में बैठकर चाय पी रहे हैं — और एकमात्र सचिन पायलट अब भी कांग्रेस के वफादार कैडेट की तरह डटे हुए हैं। सचिन पायलट: कांग्रेस के “लास्ट मैन स्टैंडिंग” राजस्थान में पिछली सरकार बनाने का श्रेय भले ही कैंपेन में…

Read More

BJP की कुर्सी—ब्राह्मण का आशीर्वाद, OBC का दम, या दलित का ‘ट्रम्प कार्ड’?

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर कुर्सी का तापमान बढ़ गया है। प्रदेश BJP अध्यक्ष पद के लिए छह बड़े चेहरे सुर्खियों में हैं। पार्टी हाईकमान ने लखनऊ में मैराथन बैठकें निपटा दी हैं—जहाँ पॉलिटिकल स्ट्रैटेजी से ज्यादा चाय की केतली ज़्यादा उबलती दिखी। अंदरखाने सूत्र कहते हैं कि ब्राह्मण, OBC और दलित—तीनों कार्डों को टेबल पर रखा गया है। पार्टी चुनावी गणित को देखते हुए किसे राजा बनाएगी, यह अभी ‘कंफिडेंशियल फाइल’ मोड में है। ब्राह्मण कार्ड: दिनेश शर्मा सबसे आगे? राज्यसभा सांसद और पूर्व डिप्टी सीएम…

Read More

“संचार साथी ऐप से सरकार हमारे फोन झाँक रही?” विपक्ष की तीखी चिटकार!

केंद्र सरकार ने हाल ही में मोबाइल हैंडसेट कंपनियों को आदेश दिया है कि नए स्मार्टफोन्स में संचार साथी (Sanchar Saathi) ऐप को प्री-इंस्टॉल करना अनिवार्य होगा। इसी आदेश के बाद देश की राजनीति में तगड़ा घमासान शुरू हो गया है। विपक्ष का आरोप है कि यह ऐप साइबर सुरक्षा के नाम पर सरकारी निगरानी का एक नया रास्ता खोल सकता है। प्रियंका गांधी वाड्रा का हमला: “यह एक जासूसी ऐप है” कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा— लोगों को निजता का अधिकार है।…

Read More

बड़ा बयान: ‘Kashi-Mathura दे दो… पर नई लिस्ट मत खोलो!’

भारत के पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक केके मुहम्मद ने मंदिर-मस्जिद विवादों पर बड़ा और संतुलित बयान दिया है। उनका कहना है कि ज्ञानवापी (वाराणसी) और कृष्ण जन्मभूमि (मथुरा) हिंदुओं के लिए वैसी ही आस्था के केंद्र हैं, जैसे मुसलमानों के लिए मक्का-मदीना। लेकिन उन्होंने हिंदू समुदाय को भी साफ सलाह दी—“इन तीन स्थानों (अयोध्या, काशी, मथुरा) के बाहर नई मांगें उठाना देश में तनाव बढ़ाएगा।” “अयोध्या विवाद असली नहीं, वामपंथी प्रोपेगैंडा था” — केके मुहम्मद इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में मुहम्मद ने बताया कि 1976 में…

Read More

PW Session: हंगामा तेज, शशि थरूर–प्रियंका–अखिलेश का बड़ा बयान

सर्वदलीय बैठक में शामिल न होने पर उठे सवालों पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मीडिया से कहा कि उन्होंने बैठक को जानबूझकर नहीं छोड़ा।उन्होंने बताया, “मैं इसे छोड़कर नहीं गया। मैं केरल से फ्लाइट में था और मेरी मां भी मेरे साथ थीं।”थरूर ने साफ किया कि उनकी अनुपस्थिति अनिवार्य यात्रा और पारिवारिक कारणों से हुई। लोकसभा में हंगामा—कार्यवाही कई बार स्थगित 12:17 PM तक लोकसभा की कार्यवाही विपक्षी हंगामे के कारण 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।हंगामे के बावजूद सरकार ने दो महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए: मणिपुर…

Read More