“हिंदू हूँ या सनातनी?” — धर्म भी हो गया ब्रांड, तो पहचान कौन सी रखी जाए?

आज सोशल मीडिया पर हर तरफ आवाज़ है — “मैं सनातनी हूँ” या “मैं हिंदू हूँ”। लेकिन क्या दोनों में फर्क है या ये दो नाम एक ही रास्ते के हैं? असल में “धर्म” का मतलब religion नहीं, बल्कि कर्तव्य, नीति और सत्य के मार्ग पर चलना है। धर्म वो नहीं जो मंदिर में दिखे, बल्कि वो है जो मन में जगे। “सनातन” शब्द कहां से आया? “सनातन” शब्द संस्कृत से लिया गया है — इसका अर्थ है जो न कभी शुरू हुआ और न कभी खत्म होगा। वेद, उपनिषद…

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भारत चाँद पर पहुँचा, पर दलितों को इंसान समझने से अब भी दूर!

भारत ने चाँद पर कदम रख दिए। वैज्ञानिकों की मेहनत और राष्ट्र का गौरव – हर जगह तारीफ़ हो रही है। लेकिन एक सवाल बार-बार कचोटता है – क्या यही वो देश है जहाँ अब भी किसी इंसान को सिर्फ उसकी जाति के आधार पर नीचा दिखाया जाता है? कोलकाता लॉ कॉलेज में छात्रा से गैंगरेप, आरोपी TMCP से जुड़ा पढ़े-लिखे समाज की चुप्पी क्यों? हम गर्व से कहते हैं कि हम “शिक्षित” हैं, आधुनिक हैं। लेकिन जब हमारे आस-पास दलितों को मंदिर में घुसने से रोका जाता है, शादी…

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