“थैले में ‘बेटे का शव’ और बस का टिकट — यही है सरकारी इलाज!”

झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले से सामने आई यह घटना भले एक सप्ताह पुरानी हो, लेकिन इसकी गूंज आज भी सरकारी दावों पर करारा तमाचा जड़ रही है।चाईबासा सदर अस्पताल में इलाज के दौरान चार साल के मासूम की मौत हो गई, लेकिन असली दर्द इसके बाद शुरू हुआ — जब पिता को अपने बेटे का शव थैले में भरकर बस से गांव ले जाना पड़ा। यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की असफलता की चलती-फिरती चार्जशीट है। 70 किलोमीटर की उम्मीद, अस्पताल में टूटा सपना जानकारी…

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“युद्धविराम या युद्ध का ब्रेक?” ग़ज़ा में डर अभी बाकी है!

जिस घड़ी का लोगों को महीनों से इंतज़ार था — युद्धविराम और बंधकों की रिहाई का समझौता, वो जैसे ही घोषित हुआ, ग़ज़ा की सड़कों पर उम्मीद की हल्की सी रौशनी दिखी। लेकिन यह उम्मीद ज़्यादा देर नहीं टिकी। अब वहां की हवा में ख़ुशी से ज़्यादा उलझन और डर है। इसराइली सेना की वापसी… लेकिन पूरी नहीं स्थानीय सूत्रों के मुताबिक़, इसराइली सैनिकों ने ग़ज़ा सिटी के उत्तर-पश्चिमी बाहरी इलाक़ों से आंशिक वापसी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि वे “येलो लाइन” नामक एक सीमित क्षेत्र…

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गाड़ी चोरी हो गई, FIR नहीं हुई, Only Police Ping-Pong

 थाने जाओ, चौकी जाओ, फिर से थाने जाओ, फिर घर आओ और खुद अपनी गाड़ी तलाशो – यही है लखनऊ की ‘SMART पुलिसिंग’! घटना का ट्रेलर: सुबह उठे, गाड़ी गायब – और सिस्टम भी लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के शेखपुर हबीबपुर निवासी शकील अहमद की रोज़ी-रोटी का सहारा – उनकी लोडर गाड़ी – 9 जुलाई की रात चोरी हो गई। उन्होंने सोचा था कि 112 पर कॉल करेंगे, पुलिस आएगी, FIR लिखेगी और शायद CCTV देखकर चोर पकड़ भी ले। लेकिन असली फिल्म की स्क्रिप्ट कुछ और ही निकली।…

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