दरवाज़े पर दस्तक होगी… लेकिन ये मेहमान नहीं, सिस्टम होगा। आपका घर सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं रहेगा… डेटा बन जाएगा। और सवाल ये—क्या ये डेटा आपका भविष्य बदलेगा या सिर्फ फाइलों में दब जाएगा? दिल्ली फिर से गिनी जा रही है… लेकिन इस बार सिर्फ लोग नहीं, उनकी ज़िंदगी का हर कोना स्कैन होगा। ये सिर्फ जनगणना नहीं… एक डिजिटल एक्स-रे है शहर का। पहला फेज: घर की दीवारों तक पहुंचता सिस्टम Delhi में 16 अप्रैल से शुरू हो रहा पहला फेज—“हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस”। यहां नाम नहीं पूछा जाएगा…लेकिन घर की…
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