दुनिया में पहली बार ऐसा लग रहा है कि सत्ता और श्रद्धा आमने-सामने खड़ी हैं… और दोनों झुकने को तैयार नहीं। एक तरफ दुनिया का सबसे ताकतवर राष्ट्रपति, दूसरी तरफ 1.4 अरब लोगों की आस्था का चेहरा। और सवाल ये है—क्या ये सिर्फ बयानबाज़ी है, या एक नए “धार्मिक-राजनीतिक युद्ध” की शुरुआत? ये कहानी सिर्फ Donald Trump और Pope Leo XIV की नहीं है… ये उस सिस्टम की कहानी है जहाँ ताकत और नैतिकता की लड़ाई खुलकर सड़कों पर आ चुकी है। “अमेरिकी पोप” से “वैश्विक चुनौती” तक खुलासा सीधा…
Read More